धूपघट!
धूपघट Aromatic & lustrous pots kept in Samavasharan – holy assembly of Lord. समवशरण की नाट्यशालाओं के आगे वीथियों के दोनों ओर धूपधूम्र से युक्त पात्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धूपघट Aromatic & lustrous pots kept in Samavasharan – holy assembly of Lord. समवशरण की नाट्यशालाओं के आगे वीथियों के दोनों ओर धूपधूम्र से युक्त पात्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धान्यरस Rice water, cereals juice etc. गेहूँ, सोयाबीन आदि का दूध एंव चावल का माँड आदि को धान्यरस कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदग्रहण :Comprehension of something with its different dimensions. ज्ञान में वस्तु को भेद या विकल्प सहित गृहण करना “
धर्मोपदेशपीयूषवर्षा श्रावकाचार Name of a book. ई. सन् 1518-28 में रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरीत मिथ्यात्व – Viparita. Mithyatva. Belief in wrong theory or wrong religious con-ception. मिथ्यात्व के ५ भेदों में भेद; विपरीत धर्म को यथार्थ मानना ” जैसे – पशु यज्ञ से स्वर्ण मिलेगा, परिग्रह सहित भी निग्रर्थ होता है इत्यादि “
धर्मसेन Name of a great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas, Name of a Bhattarak. एक आचार्य ; 11 अंग 10 पूर्व के ज्ञाता 11 महामुनियों में 11 वें मुनि, भट्टारक; सप्त व्यसन चरित्र के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतोत्तम – Bhutottama. A type of peripatetic deities. भूत जाति के व्यंन्तर देवों के सात भेदों में एक भेद “
धर्मयुगल Religious philosophy of polytheism. अनेकांत ; प्रतिपक्ष धर्म सहित सत्ता (जैसे-नित्य-अनित्य, सत्ता-असत्ता आदि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मनंदि A Bhattarak of Nandi group. नंन्दिसंघ बलात्कारगण के एक भट्टारक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथकत्व विक्रिया – Prthaktva Vikriya. Miraculous activity of making different forms of body at different places at time while original body remaining at original place. अपने मूल शरीर से भिन्न – भिन्न अनेक शरीर बनाकर उनमें अपने आत्मा के प्रदेशों को फैलाना ” जैसे – सौंधर्म इंद्र अपने मूल शरीर को सौधर्म…