आत्मवाद!
आत्मवाद A doctrine of identity (reg. pervasion of a soul everywhere). एकांत मतों में एक मत जो मानता है कि एक ही परमात्मा रूप शक्ति है जो सर्व व्यापक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मवाद A doctrine of identity (reg. pervasion of a soul everywhere). एकांत मतों में एक मत जो मानता है कि एक ही परमात्मा रूप शक्ति है जो सर्व व्यापक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रिय ज्ञान Sensory knowledge. मतिज्ञान-इन्द्रिय और मन की सहायता से उत्पन्न ज्ञान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आधुनिक भूगोल Modern Geography. पृथ्वी पर द्वीप, महाद्वीप, जलवायु, पहाड, नदी इत्यादि प्राकृतिक अवस्थाओं से संबंधित विषय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इतरेतराश्रय Mutual dependency. अन्योन्याश्रय-कारण का कार्य के व कार्य का उसी कारण के आश्रय होना यह एक दोष है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्तरचूलिका An infraction of paying reverence (reg. criticism). वन्दना का एक अतिचार वन्दना को थोड़ी ही देर में समाप्त करके उसकी चूलिकारूप आलोचनादि को अधिक समय तक करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिघोषा – Namdiguru Name of the writer of ‘Prayashchitta Samuchchaya Tika’ etc. नंदीश्वर द्वीप की पूर्व दिशा में स्थित एक वापी, रुचक पर्वत वासिनी दिक्कुमारी देवी ”
इंद्रिय संयम Self restraint, desistance from sensual pleasure. पाँचों इन्द्रिय और मन को नियंन्त्रित कर अपने आधीन रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तमीमांसा टीका A book (Ashtashati Bhashya) written by ‘Acharya Akalank Dev’. देवागम स्तोत्र पर आचार्य अकलंक देव कृत एक संस्कृत टीका जिसका नाम अष्टशती भाष्य है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] A viewpoint of knowing the things with poly ends (Right perceptions). सम्यग्द्रष्टि; वस्तु स्वभाव को विवक्षानुसार या अनेक नयों से जानने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Reverential word used while bowing down before the saints etc. विनय; साधु इत्यादि को नमन करना ” दिगम्बर मुनिराज एवं आर्यिका माताओं के चरणों में नमन करते समय ‘नमोस्तु’ कहा जाता हैं “