संदृष्टि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संदृष्टि – Sandrshti. Symbol, A chart related to any subjective description. प्रतीक चिन्ह, किसी विषय वस्तु से सम्बंधित सारिणी “
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एलाचार्य A secondary rank (title) of Jaina saints (Acharyas), The other name of Acharya Kundkund. आचार्य के चतुर्विध संघ में आचार्य की आज्ञा से जो श्रेष्ठ साधु संघस्थ अन्य साधुओं को मार्गदर्शन देता है उसे एलाचार्य कहते हैं, कुन्दकुन्द आचार्य का अपरनाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावेंद्रिय – Bhavendriya. See – Bhava Imdriya. देखें – भाव इंद्रिय “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंबुद्व – Svayammbuddha. ैमस िमदसपहीजमदमक वदम ;वद जीम चंजी व िेंसअंजपवदद्धए वदम व िजीम 1008 दंउमे व िसवतक त्पेींइीकमअए छंउम व िं उंदजतं व िापदह उंींइंस ;जीम 10जी चंेज इपतजीष्े ेजंजम व िसवतक त्पेींइीकमअद्ध ॅीव ेजतमदहजीमदमक जीम उंींइंस ंइवनज श्रंपद तमसपहपवदण् जो जीव परोपदेष के बिना स्वंय ही मोक्षमार्ग को प्राप्त कर लेते है…
द्रव्य शल्य Physical sting, physical thorn (related to Karmas). मिथ्यादर्शन, माया, निदान ऐसे तीन शल्यों की जिन से उत्पत्ति होती है ऐसे कारणभूत कर्म को द्रव्यशल्य कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या मत–Mithya Mata. Wrong persuasions or doctrines. एकांत पक्ष रूप अभिप्राय, मिथ्यामत363 है, क्रियावादीयो के 180, अक्रियावादियो के 84, अग्यांवादियो के 67 और वैनयिक वादियों के 32 भेद”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभावविरुद्वानुपलब्धि हेतु – Svabhaavaviruddhaanupalabdhi Hetu. A type of cause reg. absence of some counter property (opposite to the real one) in a matter. अनुपलब्धि हेतु के प्रतिषेध रुप विरुद्वानुपलब्धि के तीन भेदो मे एक भेद। हर एक पदार्थ नित्य, अनित्य आदि अनेक धर्मवाला है क्योकि नित्यत्व आदि एक धर्म का अभाव है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावक्रोध – Bhavakrodha. Passionate, spiteful or hostile nature. दूसरों का पराभव करना आदि द्वेषपूर्ण विचार मन में लाना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदना भय –VedanaBhaya One of the seven fears (of bodily painful suffering). सप्त भयों में एक भय, शारीर में रोग होने का भय रहना “