सुसीमा (नगरी)!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुसीमा (नगरी) – Suseemaa (Nagari) Name of the main city of Vatsa country situated in the eatern Videh region. पूर्व विदेहस्थ वत्सदेश की मुख्य नगरी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुसीमा (नगरी) – Suseemaa (Nagari) Name of the main city of Vatsa country situated in the eatern Videh region. पूर्व विदेहस्थ वत्सदेश की मुख्य नगरी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पासणाहचरिउ – Pasapurana. A book written by Bhattarak Padmakirti. भट्टारक पद्मकीर्ति (ई. सन् १०७७) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोबाहु – आदिनाथ भगवान के 84 गणधरो में एक गणधर का नाम, आचार्य यषोभद्र के षिश्य, इनका अपरनाम आचार्य भद्रबाहु द्वितीय था। यं 8 अंगधारी थे तथा लोहाचार्य – 2 के गुरू थे। समय – वी नि 515 – 565 Yasobahu-Name of a chief disciple of lord Adinath, Also the name of the disciple…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पालंब – Palamba. Name of a great omniscient in the Tirtha of Lord Mahavira. भगवान वीर के तीर्थ में हुए १० अन्तकृतकेवलियों में एक केवली “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युक्ति – पदार्थो को सिद्ध करने के लिए प्रयुक्त हेतू अथवा साधन। Yukti-Device, Stratagem
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वराटक – Varaataka.: A small shell, a cowrie (used as coin). कौड़ी – दो इन्द्रिय (स्पर्शन, रसना )जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायदीपावली – Nyaayadeepaawali. Name of a book written by Anandbodh. वैदिक साहित्य प्रवर्तक आनन्दबोध (ई.श. 11-12) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == त्याग : == ण हि णिरवेक्खो चागो, ण हवदि भिक्खुस्स आसयविसुदी। अविसुद्धस्स हि चित्ते, कहं णु कम्मक्खओ होदि।। —प्रवचनसार : ३-२० जब तक निरपेक्ष त्याग नहीं होता है, तब तक साधक की चित्तशुद्धि नहीं होती है और जब तक चित्तशुद्धि (उपयोग की निर्मलता) नहीं होती है, तब तक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वपुः स्पर्श – Vapu Sparsh. Touching the body organs (a fault of meditative relaxation). व्युत्सर्ग (कायोत्सर्ग ) का एक दोष ; शरीर को इधर – उधर स्पर्श करते हुए कायोत्सर्ग करना “