आराधना सार!
आराधना सार A book written by ‘Acharya Devsen’. आचार्य देवसेन (वि.990-1012) द्वारा रचित एक चतुर्विध आराधना विषयक ग्रन्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आराधना सार A book written by ‘Acharya Devsen’. आचार्य देवसेन (वि.990-1012) द्वारा रचित एक चतुर्विध आराधना विषयक ग्रन्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील कूट – Neela Kuta. Name of a summit of Neel mountain. नील कुलाचल के 9 कूटों में दूसरा कूट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध्यक्षर ज्ञान – पर्याय ज्ञान या सबसे जघन्य श्रुतज्ञान।इसे निरावरण ज्ञान भी कहते है यह सूक्ष्म निगोदिया लब्ध्यप्र्याप्तक जीव के उत्पन्न होने के पहले समय में होता है। Labdhyaksara Jnana-The lowest level of knowledge
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवदत्त – Shivadatta. Name of a great Acharya. भगवान महावीर की आचार्य परम्परा में लोहाचार्य के पश्चात हुए चार आचार्यों में तीसरे आचार्य ” समय- ई. 38-58 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसम्पन्न ऋशि – सम्यग्दर्षन प्राप्ति का एक निमित लब्धिसम्पन्न ऋशियो का दर्षन। Labdhisampanna Rsi-Super saints, visiting of whom is a cause of right faith
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन वंदना –Vachan Vandanaa: Expressing reverential greetings by speech. साधुओं का एक कृतिकर्म; पंच परमेष्ठी के गुणों का वचनों के द्वारा महत्व प्रगट करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसही – Nisahee. ‘Nisahi’, a word to be pronounced at the time of entering into the temple etc. मंदिर, चैत्यालय, मठ, वसति आदि में प्रवेश करने के लिए वहां रहने वाले भूत, यक्ष, आदिकों से ‘निसही’’ इस शब्द को बोलते हुए पूछकर प्रवेश करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकलादेश – Sakalaadesha. Other name of Sayaggyan (right knowledge). प्रमाण अर्थात् सम्यग्ज्ञान को सकलादेश कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (ॠत) – Vachan (Rta).: True speech or words. ॠत अथवा सत्य वचन “