आस्रव त्रिभंगी!
आस्रव त्रिभंगी A book on karmic theory, Hindi translation of which is done by Ganini Shri Gyanmati Mataji. कर्म सिद्धान्त विषयक एक ग्रन्थ । इसका हिन्दी अनुवाद गणिनी श्री ज्ञानमति माताजी कृत है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आस्रव त्रिभंगी A book on karmic theory, Hindi translation of which is done by Ganini Shri Gyanmati Mataji. कर्म सिद्धान्त विषयक एक ग्रन्थ । इसका हिन्दी अनुवाद गणिनी श्री ज्ञानमति माताजी कृत है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य हेतु – Bahya Hetu. External causes. बाहरी निमित या कारण ” जैसे – अन्य द्रव्यों के (बाह्याहेतुरूप) संयोग से आत्मा का रागदिरूप परिणमन होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपाक सूत्र – Vipaka Sutra. The 11th Anga (part) of Shrutgyan- scriptural knowledge (containing description of all 8 Karmas in Jainism). द्वादशांगश्रुत का ११ वां अंग ” इनमें ज्ञानावरण आदि ८ कर्मों के विपाक का एक करोड़ ८४ लाख पदों में वर्णन किया गया है “
आसुरी Pertaining to evil spirits, A type of low status deities. निम्न वृत्ति सहित नीच गति के देवों में एक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मलनाथ – Nirmalanaatha. Name of the 16th predestined Tirthankar. भावीकालीन 16 वें तीर्थंकर का नाम (श्रीकृष्ण का जीव) “
आहारक समुद्घात Bondage of Aharak Vargana for the formation of translocational body (Aharak Sharir). सूक्ष्म तत्व के विषय में जिसे जिज्ञासा उत्पन्न हुई है उन परम ऋषि के मस्तक में से मूल शरीर से सम्पर्क बनाये रखकर एक हाळा ऊँचा सफेद रंग का सवाँग सुन्दर पुतला निकलकर अन्तर्मुहुर्त में जहाँ कहीं भी केवली भगवान को…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्देश – Nirdesha. Instruction, Direction. आदेशपूर्वक किसी बात को कहना, विवक्षित वस्तु के स्वरूप का कथन करना “
फलराशि Resultant quantity. त्रैराशिक विधान में जो उत्तर या फल के रूप में राशि प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्गमन – Nirgamana. To go out चले जाना, किसी गति से निकलकर किसी अन्य गति व गुणस्थान आदि में जन्म लेना “