मिथ्यान्धकार!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्यान्धकार–Mithyaandhkaar. Darkness of ignorance. अज्ञान–अंधकार”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्यान्धकार–Mithyaandhkaar. Darkness of ignorance. अज्ञान–अंधकार”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्द्धमान – Varddhamaana. : Another name of Lord Mahaveera given by Indras, Name of a summit in the north of Ruchakvar mountain. कीर्ति तथा गुणों से वृद्धिंगत होने के कारण इंद्र द्वारा प्रदत्त भगवान महावीर का अपरनाम ,रुचकपर्वत की उत्तर दिशा का एक कूट “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागाहार संक्रमण – Bhagahara Samkramana. Transitional change in omen Karmas of beings. जिनके द्वारा संसारी जीवों के शुभ – अशुभ कर्म परिणामों के निमित्त पाकर बदल जाये – अन्य प्रक्रति रूप हो जावे, इसके ५ भेद हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बिल – Bila. Dwelling place of hellish beings. नारकियों के जन्म व रहने का स्थान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यत्व – Bhavyatva. Worthiness for salvation. जीव का वह स्वभाव जिससे सम्यक्त्व प्रकट होता है “
त्रस नामकर्म प्रकृति Mobile physique making karmic nature . जिस कर्म के उदय से त्रस काय में जन्म हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्रसम्यग्दर्शन – Suutra Samyagdarshana. See- Sutra Ruchi. देखे – सूत्र रूचि ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र दोष–Mishra Dosh. A fault of food–donation to Jain saints. आहार के 16 उद्गम दोषों में एक दोष; प्रासुक तयार हुआ आहार अन्यवेषधारिओ तथा ग्रहस्थी केसाथ–साथ सयमीसाधुओ को भी देने का संकल्प करना मिश्र दोष है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिसनहारी मढिया – Pisanahari Marhiya. A Jain temple at Jabalpur city (M.P.). जबलपुर नगर (म.प्र.) का एक जैन मंदिर, जिसे एक महिला ने आटा पीस-पीसकर उपार्जित धन से बनवाया था “