पुष्पदत्त!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदत्त – Puspadatta. Name of the 7th Narayan. ७वें नारायण का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदत्त – Puspadatta. Name of the 7th Narayan. ७वें नारायण का नाम “
द्यानतराय A writer who wrote number of books on Jainism. टागरा निवासी एक लेखक ‘पंडित’ जिन्होंने धर्मविलास, पूजापाठ व भक्ति स्तोत्र आदि अनेक ग्रंथों की रचना की। समय- ई. सन् 1676-1723।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करवर सागर – Puskaravara Sagara. An ocean surrounding Pushkarvardvip (island). पुष्करवरद्वीप की घेरे हुए एक समुद्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषत्त्व – Purusattva. Man hood, Manliness, Virility. पुरुषता- पुरुषपने के समस्त गुणों से युक्त “
तूर्यांग A type of wish fulfilling tree (Kalpavriksha). तूर्यांग जाति का एक कल्पवृक्ष जो वाद्य प्रदान करता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुराणसंग्रह – Puranasamgraha. Name of books pertaining to the life history of Jaina-Lords. आचार्य दामनन्दि, श्रीचन्द्र आदि आचार्यों द्वारा २४ तीर्थंकरों के जीवन चरित्र के आधार पर रचित इस नाम के कई ग्रंथ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाभाव छेदना – Pragyaabhaava Chhedanaa. Sagacious knowledge related to 6 entries (dravyas). मतिज्ञान, श्रुतज्ञान, अवधिज्ञान, मनःपर्ययज्ञान और केवलज्ञान के द्वारा छह द्रव्यों का ज्ञान होना “
चतुर्थीविद्या The 4th ethical propounded knowledge (Dandniti). आन्वीक्षिका , त्रयी , वार्ता , दण्डनीति इन ४ विद्यालयों में चौथी दंडनीति विद्या ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मोह-विजय : == णिस्सेसखीणमोहा, फलिहामलभायणुदयसमचित्तो। —पंचसंग्रह : १-१५ जिसने सम्पूर्ण मोह को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, उस निर्मोही का चित्त स्फटिक मणि के पात्र में रखे हुए स्वच्छ जल की भाँति निर्मल हो जाता है।