यद्र्छा!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यद्र्छा–Yadrachha. According to one’s own wish. अपनी इस्छा के अनुसार बिना विचारे”
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गिरनार(तीर्थ) Name of a place of pilgrimage, from where Lord Neminath got salvation. It is situated in Gujarat state. गुजरात प्रांत में स्थित भगवान नेमिनाथ की निर्वाणभूमि के नाम से प्रसिद्ध एक तीर्थ . जूनागढ़ में राहुल को ब्याहने हेतु बारात लेकर आये नेमिनाथ को पशु बंधन देखकर वैराग्य हो गया था, अतः उन्होंने वहाँ…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव शक्ति – Vibhava Sakti. The power causing karmic binding with soul. जीव और कर्मों में परस्पर बंध को कराने वाली चुम्बक द्वारा खिंचने वाली लोहे की सुई के समान विभाव नाम की शक्ति ” वह जीव के ज्ञानादि भावों के विकार का कारण होती है “
गणितपरिकर्म A kind of Drishtivad Anga containing mathemati-cal contents. १२वें द्रिस्तीवाद अंग का एक भेद, जिसमें गणित के कारण सूत्रों का वर्णन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोबल – Manobala. A type of super natural related to having complete knowledge of whole Shrut in Antarmuhurta, Mental strength. ॠद्धि ; श्रुतज्ञानावरण और वीर्यान्तराय प्रकृतियों के उत्कृष्ट क्षयोपशम होने पर अन्तमुहूर्त काल में संपूर्ण श्रुत को जानना , 10 प्राणों में एक ; जीव की सोचने विचारने रूप शक्ति की अभिव्यक्ति…
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == दया : == दयामूलो भवेद्धर्मो दया प्राण्यनुकम्पनम्। दयाया: परिरक्षार्थं गुणा: शेषा: प्रर्कीितता:।। —आदिपुराण : ५-२७ धर्म का मूल दया है। प्राणी पर अनुकम्पा करना दया है। दया की रक्षा के लिए ही सत्य, क्षमा शेष गुण बताए गए हैं। मा हससु परं दुहियं कुणसु दयं णिच्चमेव दीणम्मि। —कुवलयमाला :…
गंग Name of an Acharya possessing knowledge of 10 purvas and 11 angas. दस पूर्व और ग्यारह अंगधारी मुनियों में दसवें मुनि अपर्नाम गंगदेव था, हस्तिनापुर के राजा गंगदेव का पुत्र । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभंग ज्ञानी – Vibhamga Jnani. One having false perception or knowledge. कुअवाधिज्ञान, मिथ्याद्रष्टि “
खुरपा A weeding or scraping instrument. घास छीलने का एक औजार,जो संज्वलन कषाय माया की शक्ति का उदाहरण है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृच्छना – Prcchana. Questioning. स्वाध्याय के ५ भेदों में एक भेद; किसी विषय में संशय होने पर उसे दूर करने हेतु प्रशन पूछना “