प्रव्रज्या!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रव्रज्या- सप्त परम स्थान में से एक; सम्पूर्ण परिग्रह त्याग कर Þजिनदीक्षाß ग्रहण करना। Pravrajya- Renunciation of worldly affair for Jaina initiation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रव्रज्या- सप्त परम स्थान में से एक; सम्पूर्ण परिग्रह त्याग कर Þजिनदीक्षाß ग्रहण करना। Pravrajya- Renunciation of worldly affair for Jaina initiation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योजना – कार्य रूपरेखा, नोआगम भावयोग के 3 भेदो मे एक भेद मन वचन काय का व्यापार। Yojana-Planning, activities of mind, speech & body
चंवर An auspicious article which is to be kept near Tirthankars’ (Jaina-Lords’) idol. प्रतिमा के पास में विद्यमान रहने वाले अष्ट मंगल द्रव्यों में एक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यानावरण कर्मप्रकृति- pratyakhyanavarana karma prakrti Karmic nature obscuring positive relation चारित्र मोहनीय कर्म का एक भेद। संयम को रोकने वाली कशाय, जिसके उदय से संयम नामवाली परिपूर्ण विरति को यह जीव करने में समर्भ नही होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदृश उत्पाद – Sadrsha Utpaada. Unchangeable properties of any matter (even in any kind of production). जैसे परिणमन करती हुई अग्नि उष्ण की उष्ण ही रहती है यह सदृश उत्पाद है ” और आम का फल हरितवर्ण से पीतवर्ण रूप हो जाता है यह असदृश उत्पाद है ” अथवा जीव का ज्ञानरूप परिणाम परिणमन…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यक्षज्ञान- pratyaksajnana Direction knowledge gained by the soul itself without any external help. इनिद्रय और मन की सहायता के बिना जो ज्ञान पदार्थ को स्पश्ट जाने, इसके दो भेदहैं- देष प्रत्यक्ष (अवधि एवं मन:पर्ययज्ञान) एवं सकल प्रत्यक्ष (केवलज्ञान)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूचि – अभिरूचि, प्रेम, तत्वार्थ के विशय में तन्मयपना। Ruci-Interest, devotion, spiritual, Attachment
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संबंध : == पंथे पहियजणाणं जह संजोओ हवेइ खणमित्तं। बंधुजणाणं च तहा संजोओ अद्धुओ होई।। —कार्तिकेयानुप्रेक्षा : ८ जैसे मार्ग में पथिकजनों का संयोग क्षणमात्र होता है, वैसे ही बंधुजनों का संयोग अस्थिर है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिहरण- pratiharna Providing remedy for the fault. मिथ्यात्व रागादि दोशों का निवारण करना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजधानी – किसी राज्य या देष की प्रधान नगरी जहां से षासन व्यवस्था का संचालन किया जाता है। Rajadhani-capital city of army state or country