भक्तपान संयोजना!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तपान संयोजना – Bhaktapana Samyojana. Mixing of edibles (reg. green veg. & sterilized material). अजीवाधिकरण का एक भेद; सचित और अचित खानपान को एक दूसरे में मिलाना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तपान संयोजना – Bhaktapana Samyojana. Mixing of edibles (reg. green veg. & sterilized material). अजीवाधिकरण का एक भेद; सचित और अचित खानपान को एक दूसरे में मिलाना “
गोत्र Race, Clan, An exogamous subdivision of a caste. संतानक्रम से चला आया आचरण जो उच्च और नीच कहा जाता है या उच्च-नीच कुल में उत्पन्न होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (सत्प्रतिषेध) – Vachan (Satpratisedha).: Speech with negation of truth. असत्य वचन के 4 भेदों में प्रथम भेद; अस्तित्वरूप पदार्थ का निषेध करना ” जैसे – मनुष्यों की अकाल में मृत्यु नहीं हैं ऐसा कहना “
आनंदवती Name of the queen – the wife of 7th Narayan ‘Datta’. सातवें नारायण दत्त की वर्तमान भव की पटरानी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कांक्षित – Nishkaankshita. See – Nihkaamkshita. देखें – निःकांक्षित “
आनंद पाहुड़ Literature devoid of spiritual knowledge. राग-द्वेष रहित जिन भगवान द्वारा निर्दिष्ट निर्दोष आचार्य परम्परा से प्राप्त 12 अंगों के वचनों का समुदाय अथवा उनका एकदेश परमानंद दो ग्रन्थिक पाहुड़ है उसके अतिरिक्त शेष जिनागम आनन्द पाहुड़ है। (कषाय पाहुड़ से)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिला – Shilaa. The third land of hell, A rock, a cliff. नरक की तृतीय पृथवी, पाषाण, पत्थर, चट्टान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषध पर्वत – Nishadha Parvata. Name of a mountain situated in Jambudvip (an island). जम्बूद्वीप के 6 कुलाचलों में तीसरा पर्वत “
गतिनामकर्म प्रकृति Karmic nature causing any Gati. जिस कर्म के उदय से जीव मनुष्य, तिर्यंच, देव व नरक गति को प्राप्त करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]