प्रकाशन!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाशन – Prakashana. Publication, Making known. पुस्तक आदि को छापना, किसी विषय को प्रकाश में लाना, विभिन्न माध्यमों से धर्म की प्रभावना करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाशन – Prakashana. Publication, Making known. पुस्तक आदि को छापना, किसी विषय को प्रकाश में लाना, विभिन्न माध्यमों से धर्म की प्रभावना करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रश्मिकलाप – एक हार, यह 54 लडियों का होता है। Rasmikalpa- A kind of wreath with 54 strings
आरम्भकोपदेश Giving suggestion to rise from unnecessary violece. खेती आदि करने वालों को पृथ्वी, जल, अग्रि, पवन आदि के आरंभ का उपाय बताना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणकल्याणक – Nirvaanakalyaanaka. Holy event of salvation of Lord – Arihant. पंचकल्याणकों में एक कल्याणक; तीर्थंकरों के निर्वाण के अवसर पर देवों द्वारा मनाया जाने वाला उत्सव “
फण Expanded snake hood. नाग का फैला हुआ फण, वर्तमान में पार्शवनाथ भगवान की प्रतिमा को मस्तक पर फैले नाग के फण से पहचाना जाता है। भगवान महावीर ने बाल्यावसथा में नाग के फण पर निर्भयता पूर्वक क्रीड़ा करने से संगमदेव द्वारा महावीर नाम प्राप्त किया था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वर्तना – Nirvartana. Accomplishment. निष्पादन या रचना “
आस्तिक्य An attribute of right perception i.e. having religious faith. सम्यग्दर्शन का एक गुण-परलोक पुण्य – पाप आत्मा परमात्मा में श्रद्धा रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बिन्दुसार – Bimdusara Father’s name of the Magadha emperor, Ashok. मगध सम्राट् अशोक के पिता का नाम ” समय – जैन के अनुसार ई.पू . ३०२-२७७; लोक अनुसार ई.पू. २९८-२७३ “
तीव्र कायाभिनिवेश Intense sex desire. काम क्रिया के प्रति तीव्र इचदा होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]