एकांतानुवृद्धि योगस्थान!
एकांतानुवृद्धि योगस्थान A vibratory activity in complete development of body in womb. नवीन शरीर धारण के दूसरे समय से लेकर एक समय कम शरीर पर्याप्ति के अन्तर्मुहूर्त समय तक जो योगस्थान हों।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकांतानुवृद्धि योगस्थान A vibratory activity in complete development of body in womb. नवीन शरीर धारण के दूसरे समय से लेकर एक समय कम शरीर पर्याप्ति के अन्तर्मुहूर्त समय तक जो योगस्थान हों।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दूरापकृष्टि A type of Krishti (gradual destruction of passions). कर्मों का स्थितिकाण्डकघात होते-होते जब सबसे जघन्य पल्योपम के संख्यातवें भाग प्रमाण स्थिति शेष रह जाती है वह स्थिति दूरापकृष्टि है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्ता – Vaartaa.: Conversation,dialogue,Livelihood with pure conduct observing right duties of life. बातचीत, चर्चा,विशुद्ध आचरणपूर्वक खेती आदि षट्कार्य करके आजीविका चलाना “
तपोवृद्ध Saints more experienced or senior in austerities. तप करने में जो बडे अर्थात् अनुभवी है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूधर – Bhudhar. Name of a warrior of Ram. राम का एक योध्दा, धरणेन्द्र “
दृष्टिप्रवाद A part of scriptural knowledge (Shrutgyan). द्वादशांग श्रुत का 12 वाँ अंग जिसमें 363 मिथ्यात्व मतों का निराकरण है, यह दृष्टिवाद का अपरनाम है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धता – Shuddhataa. Purity, Sacredness. पवित्रता या निर्मलता; कर्मोदय का अभाव होने पर जीव में शुद्धता आती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलावर्त – Pudgalavarta. A time unit. काल का एक प्रमाण “
दृढ़चर्याक्रिया To have strict faith in own philosophy. दीक्षान्वय की 48 क्रियाओं में एक शास्त्र के अर्थ का अवधारण करके स्वमत में दृढ़ता धारण करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्यवाणी – Bhavisyavani. Predictions, prophesy. भविष्य में होने वाली शुभ –अशुभ आदि घटनाओं का वर्तमान में उल्लेख करना “