आलोकित पान भोजन!
आलोकित पान भोजन To take purified and observed food. अहिंसा महाव्रत की एक भावना अर्थात् देख शोध कर भोजन पान ग्रहन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आलोकित पान भोजन To take purified and observed food. अहिंसा महाव्रत की एक भावना अर्थात् देख शोध कर भोजन पान ग्रहन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकल्पनय – Vikalpanaya.: One of the standpoints considering soul as man (child ,young or old aged). 47 नयों में एक नय;जो आत्मद्रव्य को बालक ,कुमार ,वृद्ध ऐसे एक पुरुष की भांति सविकल्प मानता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशिष्ट पद – Vishishta.Pada. A kind of dicquisition door . पदमीमांसा आदि अनुयोगद्वारा के उत्क्रष्टादि भेद पदों के १३ भेदों में से एक भेद “
गुण गुणी भेद Distinction between the virtues & the virtuous one. भेद स्वभाव;गुणगुनी में संज्ञा ,संख्या,लक्षण और प्रयोजन की अपेक्षा भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वितीय वर्ग Square of first square (mathematically). प्रथम वर्ग का पुनः वर्ग करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घनलोक Volume of universe. ब्रह्माण्ड (सर्व लोकाकाश ३४३ घनराजु प्रमाण) का आयतन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजन संपात:A type of obstacle in food donation to saints. आहारांतराय का एक भेद; साधु को आहार देते समय दाता के हाथ से आहार सामग्री का नीचे गिर जाना “
द्वारवंग A place, present Darbhanga district. वर्तमान दरभंगा जिला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गारुड तत्त्व Soul as an ultimate being. आत्मा ; विद्वानों ने इसे शिव, गरूड़ व् अ काम कहा है क्योंकि यह आत्मा ही गुणरूपी रत्नों का समूह है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगवती:Name of female deities of summit of Gandhamadan & Gajdant mountains. गंदमादन पर्वत के लोहिताक्ष कूट की स्वामिनी दिक्कुमारी देवी, माल्यवान्गजदंत स्थित सागर कूट की स्वामिनी देवी “