त्रिसंयोगीस्थान प्ररूपणा!
त्रिसंयोगीस्थान प्ररूपणा Particular representation of different karmic nature. कर्म प्रकृतियों का उदय आदि की अपेक्षा विशेष निरुपण। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिसंयोगीस्थान प्ररूपणा Particular representation of different karmic nature. कर्म प्रकृतियों का उदय आदि की अपेक्षा विशेष निरुपण। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारण ऋद्धि A supernatural power of moving in the sky. एक ऋद्धिजिसके प्रभाव से आकाश में गमन किया जा सके ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समास – Samaasa. A compound word. संग्रह, दो या अधिक पदों का मिलाकर एक पद बन जाना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूद्र – Shudra. A member of the fourth and lowest division of early indo-aryan society, whose work is to serve other for livelihood. शिल्प, सेवा, शुश्रूषा से आजीविका करने वाले ” इनके कारू-अकारु दो भेद हैं “
चतुर्णिकाय Four types of deities. भवनवासी, व्यन्तर , ज्योतिश्का , वैमानिक इन ४ निकायों के देव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चय प्रमाण A mathematical result. सर्वधन में पद के वर्ग का भाग देने पर जो लब्ध आये उसमें संख्यात का भाग पर चय का प्रमाण निकलता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाचार काल – Samaachaara Kaala. Reverence paying period (of Jaina Saints). वंदना काल, नियमकाल, स्वाघ्यायकाल व घ्यान काल आदि जैन साधुओ के समाचार काल है।
त्रिलोकबिंदुसार Name of 14th Purva (parts of scriptural knowledge). चैदहवां पूर्व । इसमें तीन लोक का स्वरूप , एवं बीजगणित आदि का कथन है इसके साढे 12 करोड़ पद है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिंतागति Son of the king Suryaprabh of Suryaprabh city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की उत्तर श्रेणी में सूर्यप्रभ नगर के राजा सूर्यप्रभ का पुत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]