योगदेव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदेव – बारस अणुुवेक्खा के रचियता एक अपभ्रंष कवि ई्र ष 15 मध्यपाद, तत्वार्थ सूत्र टीका के रचियता एक भटट्ारक ई सन् 1570 Yogadeva-Name of some great personalities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदेव – बारस अणुुवेक्खा के रचियता एक अपभ्रंष कवि ई्र ष 15 मध्यपाद, तत्वार्थ सूत्र टीका के रचियता एक भटट्ारक ई सन् 1570 Yogadeva-Name of some great personalities
ऊर्ध्वलोक Upper world, Celestial world. लोक के तीन भेदों में एक भेद जहाँ स्वर्गो की रचना है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षस द्वीप – लवणसागर में विद्यमान द्वीपों के मध्य स्थित एक द्वीप। Raksasa dvipa-name of an island
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हैमवत् क्षेत्र – Haimavat Ksetra Name of the 2nd great region in all 7 regions of Jambudvip (island). जम्बूद्वीप के 7 क्षेत्रों मे दूसरा क्षेत्र। यहाॅ जधन्य भोगभूमि है।
एक अनंत Unidirectional finite (like sea). एक दिशा में देखने पर उसका अंत नहीं पाया जाता इसलिये उसको एकानंत कहते हैं- जैसे अथाह समुद्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी – भीश्म राजा की पुत्री, कृश्ण की पटरानी, प्रद्युम्न की मां। अंत में सभी पटरानियों और पुत्रवधुऔ के साथ दीक्षित हुई। Rukmini-The daughter of king Bhishma,The chief wife of Krishna
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूचकोत्तम – रूचक पर्वत के कूट का नाम।यहां रूचकप्रभा नाम की प्रधान दिक्कुमारी रहती थी। Rucakottama-name of a summit of ruchak mountain
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हुंडकसंस्थान नामकर्त प्रकृति – Humdakasamsthaana. Naamakarma Prakrti. Physique making karma causing formation of misshapened body. जिस कर्म के उदय से जीव का शरीर बेडौल होता है उसे हुंडक शरीर संस्थान नामकर्म कहते है।