भुमितिलक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुमितिलक – Bhumitilaka. A city in the north of vijayardha mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुमितिलक – Bhumitilaka. A city in the north of vijayardha mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर “
एक प्रस्तरीय (स्तंभ) Monolithic. स्मारक, एक ही ठोस पत्थर का बनरा खंभा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकसंस्थान Name of a planet. 88 ग्रहों में 26 वें ग्रह का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविवीर्य – चक्रवर्ती भरतेष का पुत्र, इसने जयकुमार के साथ तीर्थकर र्वशभदेव से दीक्षा ली थी। Ravivirya-the son of Chakravarti (emperor) of Bhartesh
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्त–Muurt. Sensually acceptable matters, Corporeal, tangible. जो पदार्थ जीवो के इन्द्रियग्राह्रा विषय है व मूर्त है अथवा रूप, रस आदि गुणों का पिण्ड मूर्त है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदु प्रणिधान – सामायिक षिक्षाव्रत का एक अतिचार, मन वचन काय की दुश्ट प्रवृत्ति। Yogaduhpranidhana-bad tendencies or attitude of one (an infraction of samayik)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यायु कर्म प्रकृति- Manushyaayu Karma Prakrti. Karmic nature causing human body. जिस कर्म के उदय से जीव मनुष्य देह में रहे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रायचन्द्र – षताविधानि एक चिद्वान श्रावक गुजरात में पंचाण भाई मेहता के पुत्र। आपको जति स्मरण था। महात्मा गांधी जी धर्मक्ष्रेत्र में अपना मार्गदर्षक मानते हैं। अपरनाम श्रीरामचंन्द्र। Rayacamdra-The other name of ‘Shrimad rajchandra’, who was the son of ‘Panchanbhai Mehta’ & spiritual guide of ‘Mahatma Gandhi’
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावग्रंथ – Bhavagramtha. Internal attachment. अंतरंग परिग्रह; मिथ्यात्व आदि इसके १४ भेद हैं “