भाषा पर्याप्ति काल!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा पर्याप्ति काल – Bhasha Paryaptikala. Period of vocal completion. भाषा पर्याप्ति पूर्ण होने पर जितने समय तक मन पर्याप्ति पूर्ण न हो तब तक भाषा पर्याप्ति काल कहलाता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा पर्याप्ति काल – Bhasha Paryaptikala. Period of vocal completion. भाषा पर्याप्ति पूर्ण होने पर जितने समय तक मन पर्याप्ति पूर्ण न हो तब तक भाषा पर्याप्ति काल कहलाता है “
एकांग One organ activity (reverence with bending the head only). नमस्कार का प्रकार (केवल सिर झुकाना एकांग नमस्कार है)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकादश अंगधर Jain Acharyas possessing knowledge of 11 Angas. 11 अंगधारी 5 आचार्य- नक्षत्र, यशपाल, पाण्डु, ध्रुवसेन, कंस।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुष्टिविधान व्रत–Mushtividhan Vrat. A particular kind of vow of worshiping the Lord Arihant. प्रतिवर्ष भादो, माघ व चैत्र मास में अर्थात तीनों सोलहकारण पर्वो में क्र. 1 से शु. 15 तक पुरे–पुरे महीने प्रतिदिन 1 मुष्टि प्रमाण शुभ द्रव्य भगवान् के चरणों में चढ़ाकर अभिषेक व चातुविशति जिन पूजन करना” साथ ही ॐ…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाली – Bali. Name of warrior ultimately who got salvation. किष्किन्धपुर के राजा सूर्यरज का पुत्र, जिसने राम व रावण युद्ध से विरत्क हो दीक्षा धारण की एवं अन्त में निवारण प्राप्त किया “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव मंगल – Bhava Mamgala. Pure and sacred one. वर्तमान में मंगलरूप पर्ययों से परिणत शुद्ध जीव “
उदंक Name of the 8th predestined Tirthankar (Jaina-Lord). ये भावी चैबीसी के आठवें तीर्थंकर हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमदंड–Yamdand. Name of a minister of Ravan, A weapon of super power. रावणका एक मंत्री, एक विध्यास्त्र”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध नय – Shuddha Naya. Standpoint related to purity believing soul as a supreme one. जो नय आत्मद्रव्य को निरुपाधि स्वभाववाला (ब्रह्मरूप) ग्रहण करता है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूढ़शिष्य–Muudhshishya. An ignorance disciple. अज्ञानी, अविवेकी शिष्य जिसे उपदेश देना व्यर्थ होता है”