राहू!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राहू – ज्यातिश के मुख्य 9 ग्रहो में 8 वां ग्रह जन्मकुंडली में राहु ग्रह से अनिश्ट होने पर उसके निवारण हेतू भगवान नेमिनाथ की उमासना की जाती है। Rahu-An astrological planet
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राहू – ज्यातिश के मुख्य 9 ग्रहो में 8 वां ग्रह जन्मकुंडली में राहु ग्रह से अनिश्ट होने पर उसके निवारण हेतू भगवान नेमिनाथ की उमासना की जाती है। Rahu-An astrological planet
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिरण्योत्कृष्ट जन्मता – Hiranyotkrsta Janmataa. An auspicious activity (gold rain, pertaining to the birth of Tirthankar Jaina Lord). गर्भन्वयी 53 क्रियाओ मे 39 वीं किं्रया-तीर्थकरो के जन्म संबंधी उत्कृष्टता की सूचक अन्य बातो के साथ साथ स्वर्ण ही वर्षा होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल्क्षण निमित्तज्ञान – अश्टांग निमित ज्ञान का छठा अंग, षारिरिक चिन्ह देखकर मनुश्य के ऐष्वर्य व दरिद्री आदि का ज्ञान होना। Laksana Nimittajnana-A type of knowledge gained through different marks of the body
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसक – Himmsaka. Violent or dangerous one. जो जीव क्रोध आदि कषाय सहित अर्थात् प्रमाद सहित है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हल्दी – Haldii. Turmetic. एक वनस्पति इसे सुखाकर भोजन बनाने मे एक मसाले के रुप मे प्रयोग किया जाता है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संसार : == धिक् संसारं यत्र, युवा परमरूपर्गिवतक:। मृत्वा जायते, कृमिस्तत्रैव कलेवरे निजके।। —समणसुत्त : ५११ इस संसार को धिक्कार है, जहाँ परम रूप-र्गिवत युवक मृत्यु के बाद अपने उसी त्यक्त मृत शरीर में कृमि के रूप में उत्पन्न हो जाता है। न नास्तीहावकाशो, लोके बालाग्रकोटिमात्रोऽपि। जन्ममरणबाधा, अनेकशो…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवंष गोस्वामी – Harivammsa Gosavaamii. Name of an initiator of Radhavallabh sect of vaishnav philosophy. वैष्णव दर्शन के राधावल्लव सम्प्रदाय के आद्यप्रवर्तक। समय – ई. 1503।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योशिता – स्त्री, चक्रवर्ती के 14 रत्नो में एक रत्न। Yosita-A women one of the 14th Jewels of Chakravarti