द्विपद!
द्विपद Having two feet. दो पैर वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यघर – Shunyaghara. Peaceful and solitude-place like caves etc. (for saints’ staying). वसतिका; साधू के ठहरने के लिए एकांत गुफा, वेइक्ष की कोटर आदि शून्य स्थान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समारंभ – Samaarambha. Preparation (of means). कार्य साध्य के लिये साधनों का इकट्टा करना समारंभ है। या साधनों का जुटना समारभ है।
द्विचरमावली A time period (last 2 Avali). अंतिम दो आवली। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ्र – Shubhra. Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र का एक नगर; इसे राजासूर्य ने बसाया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तूप -Stuupa. A dome shaped structure ( a type of creation in the samavasharana, the assembly of Lord).समवषरण रचना का एक अंग। ये समवषरण की वीथियो के मध्यभाग मे बनाये जाते है। अर्हत और परमेष्ठियो की प्रतिमाये इनके चारो और स्थापित की जाती है।
द्वयाश्रय महाकाव्य A book written by Shvetambaracharya Hemchandra Suri. श्वेताम्बराचार्य हेमचन्द्र सूरि (ई.1088-1173) की एक रचना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चल Moving, Unsteady, Restless, A fault of right perception (pertaining to passions). जो कुछ काल तक स्थिर रहकर चलायमान हो जाता है . सम्यग्दर्शन के तीन दोषों में एक दोष ; जल कल्लोल की तरह नाना विषयों में चलायान रहना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभा – Shubhaa. The capital city of Ramaniya country of Videh Kshetra(region). विदेह क्षेत्र के रमणीय देश की राजधानी “
उत्तरकालीन Subsequent. बाद या भविष्य में उत्पन्न होने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]