मृगावती!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगावती– Mragavati. Mother’s name of 1st Narayan Triprashth. प्रथम नारायण ‘त्रिपृष्ठ’ की माता का नाम” वैशाली के राजा चेटक की 7 पुत्रियों में से एक भगवान् महावीर की मौसी”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगावती– Mragavati. Mother’s name of 1st Narayan Triprashth. प्रथम नारायण ‘त्रिपृष्ठ’ की माता का नाम” वैशाली के राजा चेटक की 7 पुत्रियों में से एक भगवान् महावीर की मौसी”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचव्रत – Panchavrata. Five kinds of vows-non-violence, truth, non-stealing, celebacy, non-possession. अहिंसा, सत्य, अचौर्य,ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह यें पांच महाव्रत है”
द्रविड़ देश A region of south India, associated with Acharya Kund-Kund. दक्षिण प्रांत का एक भाग, जिसमें आचार्य कुन्दकुन्द हुए।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराग – Viraga. Aversion from the worldly attachments, Indif-ferent. विरक्त होने का नाम विराग है ” सांसारिक वासनाओं के प्रति उदासीनता, राग से मुक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमकाल – Panchamkaala. Fifth regressive period of half universal cycle (Avasarpini kal). अवसर्पिणी का पंचम दुखमा काल, जिसमें तीर्थंकर आदि विशिष्ठ पुण्यात्माओं का जन्म नहीं होता “
दोलायित An infraction of meditative relaxation (mental & bodily fluctuation). कायोत्सर्ग का एक अतिचार; हिंडोले दउकी भांति शरीर का अथवा मन का डोलना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाइम – Vaaima.: A type of knitted material (as clothes,filter articles etc.) द्रव्य निक्षेप का एक भेद “बुनने रूप क्रिया से सिद्ध हुए सूप ,चालनी ,कम्बल ,वस्त्र आदि द्रव्य “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == विद्या : == सम्यगाराधिता विद्यादेवता कामदायिनी। —आदिपुराण : १६-९९ विद्या देवता की सम्यग्—सही विधि से आराधना करने पर वह समस्त इच्छित फल प्रदान करती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुनंदि श्रावकाचार– Vasunandi Shraavakaachaara.: Name of a treatise written by Acharya Vasunandi. आचार्य वसुनंदि (ई. 1068 – 1118) कृत प्राकृत गाथाबद्ध ग्रन्थ”