मुकुंद!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुकुंद– Mukund. Name of a mountain of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र के आर्य खण्ड का एक पर्वत”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुकुंद– Mukund. Name of a mountain of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र के आर्य खण्ड का एक पर्वत”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक स्वभाव – Svaabhaavika Svabhaava. Natural nature instinct (of Siddhas). उपचरित स्वभाव का एक भेद। सिद्वों का पर को देखना व जानना स्वाभाविक स्वभाव है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाभिकीर्ति – Nabhikirti Name of a Bhattarak of Nandi group नंदी संघ के एक भट्टारक का नाम ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == निक्षेप : == युक्ति—सुयुक्तमार्गे, यत् चतुर्भेदेन भवति खलु स्थापनम्। कार्ये सति नामादिषु, स निक्षेपो भवेत् समये।। —समणसुत्त : ७३७ युक्तिपूर्वक उपयुक्त मार्ग में प्रयोजनवश नाम, स्थापना, द्रव्य और भाव में पदार्थ की स्थापना को आगम में निक्षेप कहा गया है। द्रव्यं खलु भवति द्विविधं, आगमनोआगमाभ्याम् यथा भणितम्। अर्हत्—शास्त्रज्ञायक:…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वहस्त क्रिया – Svahasta Kriyaa. Doing some work by oneself. साम्परायिक आस्रव सम्बन्धी 25 किं्रयाओ मे एक किं्रया, दूसरे के द्वारा करने योग्य कार्य को स्वयं संपादित करना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागौर – Nagaura Name of a place एक स्थान जिसके नजदीक कही मण्डल गढ़ नगर में पं. आशाधर जी का जन्म लिखी ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पेशी – Pashi. Muscles. औदारिक शरीर में पाई जाने वाली माँसपेशियाँ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांपरायिक – Saamparaayika. Mundane inflow, passionful influx. कषाय सहित अर्थात् जो कर्म संसार का प्रयोजक है वह साम्परायिक है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालप्रभ – Vishalaprabha. Name of the 10th Jaina – Lord of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र के १० वें तीर्थकर का नाम “
==चोरी== बिना दिये किसी की गिरी, पड़ी, रखी या भूली हुई वस्तु को ग्रहण करना अथवा उठाकर किसी को दे देना चोरी है। इस पाप के करने वाले चोर कहलाते हैं। अथवा Theft, Robbery, Stealth, Concealment. चोरी-रखे हुए , गिरे हुए , भूले हुए अथवा धरोहर रखे हुए परद्रव्य को हरना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]] धर्मात्मा सुरेन्द्रदत्त सेठ…