देवगत्यानुपूर्वी!
देवगत्यानुपूर्वी See – Devagati Pråyogyånupýrvî. देव- देवगति प्रायोग्यानुपूर्वी ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवगत्यानुपूर्वी See – Devagati Pråyogyånupýrvî. देव- देवगति प्रायोग्यानुपूर्वी ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंकभाग – Pankabhaaga. A part of Ratnaprabha earth of hell. अधोलोक में सबसे पहली रत्नप्रभा पृथ्वी के तीन भागों में दूसरा भाग जो पंक कहलाता है ” भवनवासी असुरकुमार एवं राक्षस जाति के व्यंतर देवों के भवन यहाँ बने हुए है “
चतुर्दश Fourteen-14 Gunsthan, 14 Purva etc. चौदह- चौदह पूर्व, चौदह गुणस्थान इत्यादि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूतक – Sutaka. Impurity caused due to the birth or death of one. लोक व्यवहार में जन्म मरण के निमित्त से हुई अषुद्धि को सूतक कहते है। सूतक काल में देव पूजा, आहार दान आदि कार्य नही किया जाता ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैनयिक मिथ्यात्व –VainayikaMithyarva. A type of wrong faith pertaining to pay equal reverence to all deities & all religions. सब देवता और सब मतों को एक समान मानना “
चतुरंग Bowing down with bending both hands and knees, Four parts of an army. नमस्कार का एक प्रकार अर्थात् सोनोन हाथ व दोनों घुटने नमाना , सेना के और अंग; अश्र्व , हज , रथ और पैदल सैनिक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म स्थूल स्कंध – Sukshma Sthoola Skandha. Invisible perceptible matters. स्कंधों के 6 भेदों में चैथा भेद । जो आंखों से दिखाई नहीं देते किन्तु शेष 4 इन्द्रियों से ग्रहण किये जाते है ऐसे स्कंधों को सूक्ष्म स्थूल स्कंध कहते है। जैसे – वायु, शब्द, गंध आदि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिपासा – Pipasa. Thirst, Desire, Craving. प्यास, तृष्णा, लालच “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुरुष – Bhavapurusha. Psychologically male one. पुरुष वेद के उदय से पुरुष की अभिलाषा रूप मैथुन संज्ञा का धारक जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुक्ष्मत्व गुण – Sukshmatva Guna. One of the 8 virtues of salvated soul obtained by the destruction of physique making Karmas (extremely subtle form). सिद्धो के 8 गुणो में एक गुण, यह नामकर्म के क्षय होने से प्रगट होता है। इन्द्रिय गोचर न होना ।