आलोचना प्रायश्चित!
आलोचना प्रायश्चित Repentance for self-criticism. जिस अपराध की गुरु के पास कहने से ही शुद्धि हो जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आलोचना प्रायश्चित Repentance for self-criticism. जिस अपराध की गुरु के पास कहने से ही शुद्धि हो जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकप्रदेशी Matter having single space-point. काल द्रव्य एकाप्रदेशी कहलाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्तरभाद्रपदा Name of a lunar. एक नक्षत्र तीर्थंकर विमलनाथ ने इसी नक्षत्र में जन्म लिया था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृषापाप–Mrashapaap. To speak a lie, a sin. 5 पापो में दूसरा पाप–असत्य भाषण या झूठ बोलना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावयोग – Bhavayoga. Subjective (psychical) vibration. मन वचन काय से संयुक्त संसारी जीव के अंगोपांग व शरीर नाम कर्म के उदय से जीव की वह शक्ति जो कर्म व नोकर्म को ग्रहण करती है “
उत्तरकुमार The son of king Virat. राजा विराट का पुत्र अर्जुन ने इसे सारथी मानकर कौरवों से युद्ध किया था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव – Vibhava. Passionate feelings ( i.e feelings contrary to real nature ) due to the fruition of Karmas. कर्मों के उदय से होने वाले जीव के रागादि भावों को विभाव कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयातीत – Vishayatita. Supreme bliss. विषयों की निवृति से उत्पन्न होने वाला सुख अर्थात् संसार के विषयों से अतीत स्वाधीन अव्याबाध सुख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विन्दफल – Vindaphala.: Volume,space occupied. आयतन ,घनफल ,विस्तार “