मृग!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृग–Mrag. A deer, a significant symbol of Lord Shantinath. हिरण; सोलहवे तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान् का चिन्ह”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृग–Mrag. A deer, a significant symbol of Lord Shantinath. हिरण; सोलहवे तीर्थंकर शांतिनाथ भगवान् का चिन्ह”
द्विज्ञानसिद्ध The soul who gets salvation by two types of super knowledges (in accordance with Bhutpragyapan Naya). भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा दो ज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनमि – Vinami. Name of the 78th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान वृषभदेव के ७८वें गणधर ” महाकच्छ के पुत्र “
द्वादशंग Twelve parts of scriptural knowledge. श्रुत के 12 अंग ; द्रव्यश्रुत रूप की रचना गणधर करते हैं इसे ही जिनवाणी कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उनोदर Semi-fasting, Under-eating, less food taking than appetite. भूख से कम खाना। अपरनाम अवमौदर्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपाक – Svaaka. Name of a super power possessed by Nami & Vinami Vidyadhars. धरणेन्द्र की दिति देवी के द्वारा नमि और विनमि विद्याधरो को दिया गया एक विद्या निकाय।
आलेख्याकार Painting with realness. चित्रकारी-केवलज्ञान में चित्रपट के समान तीनों काल की वस्तुएं चित्र के समान (आलेख्याकार) साक्षात भाषित होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
==हिंसा== प्रमाद से अपने या दूसरों के प्राणों का घात करने को हिंसा कहते हैं। इस पाप के करने वाले हिंसक, निर्दयी, हत्यारे कहलाते हैं। यशोधर महाराज ने शांति के लिए अपनी माता की प्रेरणा से आटे का मुर्गा बनाकर चंडमारी देवी के सामने बलि चढ़ा दी। इस संकल्पी हिंसा के पाप से वे पुत्र…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्संगति – Satsangati. Company of noble persons. सज्जन पुरुषों की संगति ” मनुष्य सज्जन के सहवास से सज्जन एवं दुर्जन के सहवास से दुष्ट बनता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक समुदघात –VaikriyikaSamudghata Overflowing of soul points from the body for transforming the own shape. विक्रिया करने के लिय अथार्त शरीर को छोटा, बड़ा या अन्य शरीर रूप करने के लिय आत्मा के प्रदेश शरीर से बाहर निकलते हैं वह वैक्रियिक समुदघात हैं “