रविनंदी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविनंदी – शट्खण्ड आगम के ज्ञाता, बप्पदेव के षिक्षा गूरू एक आचार्य। Ravinandi-Name of an acharya
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविनंदी – शट्खण्ड आगम के ज्ञाता, बप्पदेव के षिक्षा गूरू एक आचार्य। Ravinandi-Name of an acharya
आदिपुरुष The first supreme soul of this age, Lord Adinath. अवसर्पिणी काल की कर्मभूमि के आदि नेता आदिनाथ भगवान प्रथम तीर्थंकर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ईश्वर God, Lord. अनंतज्ञानादि परम ऐश्वर्य को प्राप्त करने वाले अर्हन्त और सिद्ध परमात्मा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उद्दावण Causing turmoil to living beings. जीवों को सताना मारना आदि उपद्रव उद्दावण (उत्तापन) कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुर :Protecting deity of the south ksheevardvip island, A deity of Kundal mountain. दक्षिण क्षीरवर द्वीप का रक्षक देव, कुण्डल पर्वत स्थित हितवतकूट का स्वामी नागेन्द्र देव।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लालसा – प्रबल इच्छा अभिलाशा, निदान षल्य भोगो की लालसा रखना। Lalasa-Keen, Desire Longing
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवि – Prthivi. Earth. धरती, पृथ्वी के चार भेद हैं- पृथ्वी, पृथ्वीकाय, पृथ्वीकायिक, पृथ्वीजीव “
दुषमा काल A period of 21000 years is called one Dushama Kal or misery period (presently this period is going on). अवसर्पिणी काल का 5 वां और उत्सर्पिणी काल का दूसरा भेद। इस काल का समय 21 हजार वर्ष का होता है (वर्तमान में यही काल चल रहा है।)।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजाख्यान – जिनागम में कहे गए चार आख्यानों में लोकाख्यान, देवाख्यान, राजाख्यान, पुराख्यान में चैथा। इसमें राजा के अधीन देष और नगर आदि का तथा उसके प्रभाव क्षेत्र का वर्णन किया जाता है। Rajakhyana- One of the four exposition prescribed in a jaina scripture