त्रसनाली!
त्रसनाली Channel of the mobile bios. लोक के मध्य भाग में एक राजू लम्बी , चैड़ी और कुछ कम 13 राजू ऊंची त्रसनाली है । त्रसजीव इसके भीतर ही रहते हैं बहतर नहीं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रसनाली Channel of the mobile bios. लोक के मध्य भाग में एक राजू लम्बी , चैड़ी और कुछ कम 13 राजू ऊंची त्रसनाली है । त्रसजीव इसके भीतर ही रहते हैं बहतर नहीं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवंश पुराण – Harivammsa Puraana. Name of a great mythological treatise written by Acharya Jinsen. आचार्य जिनसेन (ई. 783) कृत 66 सर्ग तथा 10,000 श्लोक प्रमाण ग्रंथ।
तत्वज्ञान The knowledge of truth or reality of any matter. तत्वों को जानकर आत्मा का विशेष बोध या मनन करना । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिचन्द्र – Haricandra. Name of the 4th predestined Balbhadra. आगामी चैथे बलभद्र।
गौरी Ruling female demigod of Lord Vasupujya, A super knowledge, Name of a city in the north of Vijayardh mountain. भगवान् वासुपूज्य की शासन देवी, एक विद्या , विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी का एक देश ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हनुमंत चारित्र – Hanumammta Caarita. Name of a book written by Pandit Raimalla. पं रायमल्ल (ई. 1575-1593) कृत भाषा ग्रंथ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर प्रत्यय उत्पाद:See- Para Nimittaka Utpada.देखे निमित्तक उत्पाद ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेदयबंधी प्रकृति – Svodayabamdhii Prakrti. Karmic natures causing binding with self rising. स्वयं के उदय के साथ बंधने वाली प्रकृतियाॅ। ज्ञानावरणी की 5, अंतराय की 5, दर्शनावरणी की चक्षुदर्शनावरणादि 4, तैजस शरीर, कार्मण शरीर, निर्माण, स्थिरयुगल, शुभयुगल तथा वर्णचतुष्क, अगुरुलधु और मिथ्यात्व इन 27 प्रकृतियो का स्वोदय से बंध होता है।