विध्दण (कवि)!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विध्दण (कवि) – Viddhanu (Kavi). Name of a poet. ज्ञानपंचमी अर्थात् श्रुत पंचमीव्रत माहात्म्य नामक भाषा छंद रचना के कर्ता एक कवि ” समय –वि. सं. १४२३ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विध्दण (कवि) – Viddhanu (Kavi). Name of a poet. ज्ञानपंचमी अर्थात् श्रुत पंचमीव्रत माहात्म्य नामक भाषा छंद रचना के कर्ता एक कवि ” समय –वि. सं. १४२३ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपल – Vipala. A type of time unit. काल का एक प्रमाण ” ६० प्रतिविपल = १ विपल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म क्रियाप्रतिपाती – Sukshma Kriyapratipaatee. The third absolute meditational stat achieved at the end of the 13th stage of spiritual development. तीसरा शुक्लध्यान – यह ध्यान तेरहवें गुणस्थान के अंत में होता है। जिन्होंने द्वितीय शुक्लध्यान के द्वारा 4 घातिया कर्मो का क्षय करके केवलज्ञान प्राप्त कर लिया है तब सब प्रकार के मन…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलक– Mulak. Name of a country of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्य खंड का एक देश”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विधिदान क्रिया – Vidhidana Kriya. A spiritual activity, appointment of deities by Indra to do their respective duties. गर्भान्वय की ५३ क्रियाओं में एक क्रिया ” इसमें इंद्र न्रमीभूत उत्तम देवों को अपने – अपने पद पर नियुक्त करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुषेणा – Sushenaa. Mother’s name of Lord Sambhavnath. श्रावस्ती नगरी के राजा दृढराज की रानी एवं तीर्थकर संभवनाथ की माता ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सद्गुण : == गृहगृह्यो हि सज्जन:। —आदिपुराण : १-३७ सज्जन सदा गुणों को ही ग्रहण करते हैं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गशलाका – Vargashalaakaa.: A mathematical operation. दो की संख्या का वर्ग जितनी बार हो उस राशि का नाम ” जैसे -16 की वर्ग शलाका 2 है ,क्योंकि 2 का वर्ग 4 , 4 का वर्ग 16 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वशय्यासन तप – Parsvasayyasana Tapa. A type of austerity, to sleep in single posture. कायाक्लेश का एक भेद; किसी एक करवट से सोना “