स्थिर चित्त!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर चित्त – Sthira Citta. Concentration of mind.चित्त की एकाग्रता, इसी का नाम ध्यान है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिर चित्त – Sthira Citta. Concentration of mind.चित्त की एकाग्रता, इसी का नाम ध्यान है।
द्वैत Nature of duality. बन्ध और मोक्ष , राग और द्वेष , कर्म और आत्मा तथा शुभ और अशुभ इस प्रकार की बुद्धि द्वैत के आश्रय से होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौक्तिकहारावली– Mauktikharavali. Wreath of pearls. गोल और आकर में बड़े मोतियों से गुथा गया एक लड़ी का हार”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थितिकल्प – Sthitikalpa. Ten types of code of conduct for a saint.व्यव्हार साधु के 10 स्थ्तििकल्प है। अचेलकत्व, उदिष्ट भोजन का त्याग, शरूयाधरपिंडत्याग, वसतिका बनवाने या सुधरवाने वाले के द्वारा दिये जाने वाले आहार एवं उपकरण का त्याग, राजपिंड का त्याग, कृतिकर्म अर्थात् साधुओ की विनय शुश्रूसा आदि करना, व्रत का जिसे स्वरुप मालूम…
द्विरूप वर्ग धारा Dyadic square sequence. 14 भाषाओें में एक , जिसमें दो के वर्ग से प्रारम्भ कर पूर्व – पूर्व स्थानों का वर्ग करते हुये उत्तर-उत्तर स्थान प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चरमांग One having ultimate body and who will get salvation in the same birth. चरम शरीरी एवं तद्भव ,मोक्षगामी जीव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थानकवासी – Sthaanakavaasii. Name of a sect of shvetambar jains.श्वेताम्बरो मे वह आम्नाय जो मूर्ति नही पूजते है, जिसके साधु मुॅह पर पटटी रखते है।
चतुर्मुखी A city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तवकौमुदी – Samyaktvakaumudee. Name of a treatise written by Acharya Shubhchandra. आचार्य शुभचन्द्र (ई. 1516-1556) द्वारा रचित एक आध्यात्मिक ग्रंथ।
उदय पर्वत Name of a city in the southern Vijayardha mountain. विजयार्ध पर्वत की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]