राजवातिैक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजवातिैक – आचार्य अकलंक देव द्वारा तत्वार्थसूत्र गं्रथ पर की गई विस्तृत संस्कृत वृत्ति। Rajavartika-name of a treatise written by Acharya Akalank dev
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजवातिैक – आचार्य अकलंक देव द्वारा तत्वार्थसूत्र गं्रथ पर की गई विस्तृत संस्कृत वृत्ति। Rajavartika-name of a treatise written by Acharya Akalank dev
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरगंगा – Suragangaa. Milkyway, (the galaxy, a luminous band of heavenly stars), The heavenly Ganges. आकाशगंगा ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्थिवी धारणा – Parthivi Dharana. A specified contemplation (of Pindastha Dhyana) visualising the scenes of earthen elements. पिण्डस्थ ध्यान की ५ धारणाओंमें प्रथम धारणा; पिण्डस्थ दयां करने वाला योगी पहले शांत और सफेद समुद्र का ध्यान करे, फिर उसके मध्य में स्वर्ण कमल का चिंतन करे, तत्पश्चात उस कमल के मध्य स्थित कर्णिका में…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्तोदा (कुंड) – 1 – 32 विदेहो में गंगा सिन्धु आदि 64 नदियो में रक्तोदा नदी का कुंड जो नील व निशध पर्वत के मूल भाग में स्थित है, 2 – ऐरावत क्षेत्र में स्थित एक कंुड जिसमे रक्तोदा नदी गिरती है। Raktoda (Kumda)-Name of wide mouthed pools
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमति – Sumati. Good understanding or Judgement. अच्छी वृद्धि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारमार्थिक ध्यान – Parsmarthika Dhyana. Meditation for the knowledge of own soul. स्वआत्मा को पहचानने के लिए किया जाने वाला ध्यान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्ता (देवी) – रक्ता कुंड व रक्ताकूट की स्वामिनी देवी। Rakta (Devi)-Name of the female ruling deity of Raktakund & raktakuta
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेबड़ – Lebad.: Sticky edibles liquids or any matter. आहार का एक भेद , जो हाथ में चिपकता है ऐसा पतला पदार्थ दही , लस्सी आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापानुबंधी पुण्य – Papanubamdhi Punya. Converting good results into bad by following wicked activities. पुण्य के उदय से प्राप्त बुद्धि, कौशल, निरोग शरीर आदि क्षमताओं को पापार्जन में लगा देना “
दिगंतरक्षित A type of deities. लौकांतिक देवों का एक भेद इनकी संख्या 25025 है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]