पानभोजन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पानभोजन- Panabhojana. To take pure meals in daylight. आहिंसाणु व्रत की एक भावना; सूर्यप्रकाश में देख शोधकर भोजन पान करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पानभोजन- Panabhojana. To take pure meals in daylight. आहिंसाणु व्रत की एक भावना; सूर्यप्रकाश में देख शोधकर भोजन पान करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रहोभ्याख्यान – सच्याणुव्रत का एक अतिचार स्त्री – पुरूशों की एकांत में की गयी चेश्टा को प्रकट करना। Rahobhyakhyana-Secret discloser of a couple (an infraction of true speech)
दासी दास Men and women servants. 10 प्रकार के ब्राह्य परिग्रह में एक-स्त्री और पुरूष नौकर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम रक्षा – Sanyama Rakshaa. Strictly observing of restraints by Jaina saints. जैन साधु-संत द्वारा अपने संयम की रक्षा करना “
आदि Beginning, Primeval, Etcetera (etc.). ‘प्रथम‘ के अर्थ में प्रयुक्त होता है जैसे ऋषभादि भगवान, ‘प्रकार‘ के अर्थ में जैसे पूना आदि शहर, ‘ समीप्य‘ के अर्थ में जैसे नदी आदिक क्षेत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाटलिका:Name of an auspicious articles kept near the idol of lord.जिन प्रतिमा के पास विद्यमान रहने वाले 108 उपकरणों मे से एक।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रष्मिकलाप – एक हार, यह 54 लडियों का होता है। Rasmikalpa- A kind of wreath with 54 strings
ईश्वरकारणिक One who holds that God is the creator of universe. ईश्वर को सृष्टि निर्माता मानने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसज – दूध आदि रसों में उत्पन्न होते वाले या वीर्य में उत्पन्न होने वाले जीव।जो सेमूच्छन जन्म वाले होते है और नेत्रों से नहीं दिखते है। Rasaja-Invisible micro beings of take birth in liquids