भूतज्ञायक शरीर!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतज्ञायक शरीर – Bhutagyaka Sarir. Left body of most learned one (after death). कर्मस्वरूप की जाने वाला जिस शरीर को छोड़ आया है वह भुतज्ञायक शरीर है इसके च्युत, च्यावित, त्यक्त ३ भेद हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतज्ञायक शरीर – Bhutagyaka Sarir. Left body of most learned one (after death). कर्मस्वरूप की जाने वाला जिस शरीर को छोड़ आया है वह भुतज्ञायक शरीर है इसके च्युत, च्यावित, त्यक्त ३ भेद हैं “
सत्य- अच्छे पुरुषों के साथ साधु वचन बोलना सत्य है। धर्म की वृद्धि के लिए धर्म सहित बोलना वह सत्य कहाता है । इस धर्म के व्यवहार की आवश्यकता ज्ञान चारित्र के सिखाने आदि में लगती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिमबाहू – Bhimabahu. The son of Dhratrashtra Gandhari. धृतराष्ट – गांधारी के दो पुत्रों में एक का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादूषिक क्रिया- राग, द्वेश, इश्र्या आदि से युक्त कार्य। Pradusikakriya- Malicial activity
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य गणधर– Mukhya Gandhar. Head of the chief of disciples of Lord. तीर्थंकर के प्रधान शिष्य, जो दिव्यध्वनी का सार दवादवाशांगश्रुत के रूप में जगत को प्रदान कटे है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणव्यपरोपण- हिंसा; जीवों के प्राणों का घात करना। Pranavyaparopana- Violenceful activities
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति बंध – Prakrti Bandha. Regular binding of different types of karmic natures. राग, द्वेषादि के निमित्त से जीव के साथ ज्ञानावरणादि कर्मों का निरंतर बंध होना अर्थात् जीव के भावों की विचित्रता के अनुसार विभन्न प्रकार की फलदान शक्ति वाले कर्मों का बंध होना “
झझावात Heavy rainy storm. जलवृष्टि सहित जो वायु बहती है उसे झांझावात कहते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन पृच्छा आलोचना- आलोचना का एक दोा; आचार्य महाराज द्वारा दिये गये प्रायश्चित में अश्रद्धान करके वह योग्य है या अयोग्य ऐसा अन्य किसी से पूछना। Bahujana Prccha alocana- Disbelieving on the repentance given by an acharya (a fault)
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा गुरू :Acharyas of Moolsangh in the tradition of Gautam Swami. गौतम स्वामी की परम्परा में मूलसंघ के आचार्यगण ।