ताम्रा!
ताम्रा A river of the east Aryakhand (region). पूर्व आर्यखण्ड में स्थित एक नदी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ताम्रा A river of the east Aryakhand (region). पूर्व आर्यखण्ड में स्थित एक नदी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तर्कामृत A book written by Shivaditya. वैषेषिक साहित्य प्रवर्तक शिवदित्य का एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तमस्विनी A river of Bharat kshetra in Arya khand (region). रात, अंधेरी रात ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान संक्रमण:Particular transition to other place (reg. other sangrah Krishti).संक्रमण का एक भेद । दूसरी अन्य संग्रह कृष्टियों में या पर रूप परिणमन करना ।
तप प्रायश्चित्त Austerity for atonement. गुरुजन द्वारा शिष्य के दोष को दूर करने के लिए दिया गया तप का आदेश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तपकल्याणक The 3rd auspicious event of Tirthankars’ (Jaina Lord) lives (related to austerity). कल्याणक के पंच कल्याणकों में तृतरीय दीक्षा कल्याणक । इस कल्याण्वशसेष रूप से लौकांतिक देव आकर भगवान के वैराग्यभाव की प्रशंसा करतजे । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिज्ञानसिद्ध A type of salvated beings (possessing three basic knowledges). भूतप्रज्ञापननय की अपेक्षा से तीन ज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तद्विलक्षण Knowledge acquired by studying the scriptures (reg. extraordinariness). प्रत्यभिज्ञान का एक भेद, यह उससे विलक्षण है इस प्रकार का ज्ञान होना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर – Shareera. Body, it is of five kinds-Audarik, Vaikriyik, Aharak, taijs & Karman. सप्तधातु से निर्मित देह, यह 5 प्रकार का होता है – औदारिक, वैक्रियिक, आहारक, तैजस और कार्माण “
ततव समास Name of a treatise written by Maharshi Kapil. सांक्ष्य मत के मूल प्रणेता महर्षि कपलि की एक कृति का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]