रथसेना!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथसेना – तीसरा सैन्य कक्ष, यह सेना अपने सेनापति के अघीन रहती है। इसमें 8 हजार हाथी होते है, एवं युद्ध के समय अष्वसेना के पीछे चलती है। Rathasena-A division of army containing chariots
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथसेना – तीसरा सैन्य कक्ष, यह सेना अपने सेनापति के अघीन रहती है। इसमें 8 हजार हाथी होते है, एवं युद्ध के समय अष्वसेना के पीछे चलती है। Rathasena-A division of army containing chariots
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परवश अतिचार:A type of infraction, acceptance of abandoned material due to somje external fear.अतिचार का एक भेद;उन्माद, पित , पिशाच, आदि अथवा अन्य लोगों के वश होकर त्याग किये हुए पदार्थें को ग्रहण करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिवर्तन – योग सक्रान्ति प्रथम षुक्लध्यान में मन वचन काय योगो का पलटना। Yogaparivartana-Transition of all activities (related to mind speech & body) in auspicious & sacred mode
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी व्रत – श्रीकृश्ण की पटरानी रूकमणी ने लक्ष्मीमती के भवन मे जो व्रत लिया था।भादों सुदी 8, 10, 12, 14 को उपवास 7, 9, 11, 13, 15 को चारणा इस तरह 8 वर्श तक करना।व्रत विधान संग्रह से उद्धृत । Rukmini Vrata-A specified procedural fasting
आभ्यन्तर प्राण Internal vitalities. भावप्राण वीर्यान्तराय, मतिज्ञानावरण इन्द्रियावरण आदि का क्षयोपशम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एक एकसंगति One – to – one correspondence. एक का एक के साथ संबंध होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भरतेशवैभव – Bharatesavaibhava. Name of a book written by a poet Ratnakar. कवि रत्नाकर (ई.१५५१) कृत एक ग्रंथ “
ऋतु Season, Name of first Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven. मौसम (ऋतु-ये छः होती है-ग्रीश्म , शीत, वर्षा, हेमन्त, वसन्त, शिशिर), सौर्धकम सवर्ग का प्रथम पटल व इन्द्रक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]