धर्मास्तिकाय!
धर्मास्तिकाय One of the 5 entities (matters), spatially extended. 5 अस्तिकाय द्रव्यों में एक द्रव्य; जो बहुप्रदेशी और अजीव है। यह जीव पुद्गल की गति में सहकारी होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मास्तिकाय One of the 5 entities (matters), spatially extended. 5 अस्तिकाय द्रव्यों में एक द्रव्य; जो बहुप्रदेशी और अजीव है। यह जीव पुद्गल की गति में सहकारी होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मसागर A disciple of Acharya Veersagar. आचार्य श्री वीरसागर महाराज के शिष्य, चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य (ई. सन् 1969-1987 तक)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आदि Beginning, Primeval, Etcetera (etc.). ‘प्रथम‘ के अर्थ में प्रयुक्त होता है जैसे ऋषभादि भगवान, ‘प्रकार‘ के अर्थ में जैसे पूना आदि शहर, ‘ समीप्य‘ के अर्थ में जैसे नदी आदिक क्षेत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाटलिका:Name of an auspicious articles kept near the idol of lord.जिन प्रतिमा के पास विद्यमान रहने वाले 108 उपकरणों मे से एक।
धर्ममित्र A king who gave first food (reg. Parana) to Lord Kunthunath at Hastinapur. एक राजा ; कुंथुनाथ तीर्थंकर को हस्तिनापुर में प्रथम पारणा करने वाले। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ईश्वरकारणिक One who holds that God is the creator of universe. ईश्वर को सृष्टि निर्माता मानने वाला।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्मदत्त चरित्र A book written by Acharya Dayasagar Suri. आचार्य दयासागर सूरि (ई.1429) कृत एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकेय:A king of vidyadhara dynasty.विद्याधर वंश का एक राजा।
धरसेन The spiritual teacher or preceptor of Acharya Pushpadant and Bhootbali. एक आचार्य, जिन्होंने पुष्पदंत- भूतबली को जैन सिद्धांत पढ़ाया और इन दोनों आचार्यों ने धवलादि मूल ग्रंथों की रचना की।[[श्रेणी: शब्दकोष ]] ==आचार्य श्री धरसेन स्वामी का विशेष परिचय == भगवान महावीर स्वामी ने भावश्रुत का उपदेश दिया अत: वे अर्थकर्ता हैं। उसी काल…