दासत्व!
दासत्व Servitude; being in the service of God. सेवकपने की भावना सम्यग्दृष्टि का वात्सल्य गुण सिद्ध प्रतिमा, जिनबिम्ब, जिनमन्दिर, चार प्रकार के संघ में और शास्त्रों में वात्सल्य भाव भी दासत्व कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दासत्व Servitude; being in the service of God. सेवकपने की भावना सम्यग्दृष्टि का वात्सल्य गुण सिद्ध प्रतिमा, जिनबिम्ब, जिनमन्दिर, चार प्रकार के संघ में और शास्त्रों में वात्सल्य भाव भी दासत्व कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रवर – Vajravara Name of the 9th island & ocean of middle universe. मध्यलोक का द्वीप व समुद्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैयायिक दर्शन – Naiyaayika Darshana. A philosophy. एक एकांत मत; जो ज्ञानदर्शन को जीव से पृथक मानते है एवं मोक्ष होने पर बुद्धि आदि गुणों का विनाश मानते है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यक्षवर(सागर द्वीप)– Yakshvar (Saagar Dvip). Name of a island and ocean of middle universe. मध्यलोक के अंतिम सौलह द्वीपों में तेरेहवा द्वीप व समुंद्र”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रपंजरविधान –Vajrapanjaravidhan Name of a treatise related to mystical theory. मन्त्र – तंत्र विषयक संस्कृत भाषा एक ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिनिर्वाण काव्य – Neminirvaana Kaavya. A book written by Bhagbhatta. बाग्भट्ट (ई. 1075-1125) कृत एक संस्कृत काव्य “
गति बन्धाभाव Lack of binding of any Karmic nature related to any Gati for the next birth (i.e. lack of transmi-gration), Motion without constraint. आगे के भव के लिए चारों गतियों के बन्ध का अभाव होना ,गति का एक भेद ; एरण्ड बीज आदि की गति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीर्ष प्रकंपित – Sheersha Prakampita. A type of time unit. काल का एक प्रमाण; शीर्षप्रहेलिकांग, एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृपतुंग – Nripatunga. Another name of the king Amoghvarsh. राजा अमोघवर्ष का अपरनाम “
तेंदु Name of an Indian tree, called initiation – tree of Lord Shreyansnath. श्रेयांसनाथ भगवान के दीखा वृक्ष का नाम (पदमपुराण के अनुसार) महापुराण के अनुसार यह तुम्बुरू वृक्ष है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]