लधुषंका!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लधुषंका – मूत्रोत्सर्ग, लघु व दीर्घ षंका जाने के बाद प्रायष्चित के रूप 25 उच्छ्वास का कायोत्सर्ग किया जाता है। Laghusamka-Urination
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लधुषंका – मूत्रोत्सर्ग, लघु व दीर्घ षंका जाने के बाद प्रायष्चित के रूप 25 उच्छ्वास का कायोत्सर्ग किया जाता है। Laghusamka-Urination
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वशवर्तिता – Vashavartitaa.: An example of power of Karmas, fruition of Karmas causing developments of sense organs. कर्म की बलवत्ता का एक उदाहरण; नाम कर्मोदय की वशवर्तिता से इन्द्रियां उत्पन्न होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्धमानक – Vardhamaanaka. Name of the dancing hall of Chakravarti (emperor) Bharatesh. चक्रवर्ती भरतेश की नृत्यशाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचचूलिका – Panchachoolikaa. Five subkinds of scriptural knowledge (shrutgyan). श्रुतज्ञान के 12वें दृष्टिवाद अंग प्रभेद; जलगता, स्थालगता, मायागता, रुपगता एवं आकाशगता चूलिका “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याज्ञिक मत – संसारी जीव की कभी मुक्ति नहीे होती ऐसा मानने वाला मत। Yajnika Mata-A doctrine believing no salvation of worldly beings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूर्यवंश – Suryavansha. One of the Branch of Ikshvaku Dynasty initiated from Arkkirti. इक्ष्वाकु वंश की दो शाखाओं में एक शाखा सूर्यवंश की शाखा भरत चक्रवर्ती के पुत्र अर्ककीर्ति से प्रारम्भ हुई क्योकि अर्क नाम सूर्य का है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच उदुंबर फल – Pancha Udumbara Fala. Five kinds of figs oe non-edible fruits of ficus genus class. अभक्ष्य; बड़, पीपल, उम्र, कठूमर, पाकर इनमें निरंतर त्रस जीवों की उत्पत्ति होने से अभक्ष्य है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्यता – अपने आवरण अर्थात ज्ञान को ढकने वाले कर्म के क्षयोपक्षम को योग्यता कहते है अर्थात सामथ्र्य ज्ञान की अनुरूपता। Yogyata-talent, capability, Competency, Qualification
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यंत्रशाला– Yantrashala Name of a part of the palace of residential deities. भवनावासी देवो के भवनों में एक गृह”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंकावती – Pankaavati. A Vibhanga river of the east Videh Kshetra (region). पूर्व विदेह की एक विभंगा नदी “