प्रायोपगमन मरण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोपगमन मरण- समाधिमरण का उत्कृश्ट रुप; ऐसा समाधिकरण करना जिसमें न तो आप अपना इलाज करें न दूसरे से करवें प्रत्युत् ध्यान में लीन रहें। Prayapagamana Marana- Faultless voluntary great and holy death
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोपगमन मरण- समाधिमरण का उत्कृश्ट रुप; ऐसा समाधिकरण करना जिसमें न तो आप अपना इलाज करें न दूसरे से करवें प्रत्युत् ध्यान में लीन रहें। Prayapagamana Marana- Faultless voluntary great and holy death
जिनसेन- आप आ0 भीमसेन के शिष्य तथा शांति सेन के गुरु थे समय ई.श. 7 अन्न । पुन्नाह संघ की मुर्वावली के अनुसार आप श्री कीर्तिषेण के शिष्य थे। कृति- हरिवंश पुराण वीरसेन स्वामी के शिष्य बागर्भ दिगम्बर। कृतिये-अपने गुरु की 20000 श्लोक प्रमाण अधुरी जयधवला टीका को 40000 श्लोक प्रमाण अपनी टीका द्वारा पूरा…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रात्ययिकी क्रिया- आस्त्रव की 25 क्रियाओं में एक क्रिया; इंद्रिय योग्य नई-नई सामग्री जुटाना। PratyayikiKriya- Collection of household article
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषापहार स्तोत्र –VisapaharaStotra. A praising hymn written by Dhananjay (poet). धनज्ज्य कवि द्वारा रचित संस्क्रत भाषाबध्द एक स्तोत्र, रचना करते समय जिसके पाठ से उनके पुत्र का सर्प विष उतर गया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणपीड़न- हिंसा, प्रमाद योग से किसी जीव के प्राणों को पीड़ा देना। Pranapirana- Violenceful activities
झ The nineth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का नवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान तालु है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहु- मतिज्ञान का एक भेद। बहुत सी वस्तुओं को एक साथा जान लेना। Bahu- A type of sensory knowledge (Knowing many thing at a time)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलवत्ता- बलवानपना; कर्म की प्रबलता आदि। Balavatta- Strength, power, potency