सचित्त नोकर्म द्रव्य बंधक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त नोकर्म द्रव्य बंधक – Sachitta Nokarma Dravya Bandhaka. Those who fasten animals. बंधक का एक भेद; जैसे हाथी बांधने वाले इत्यादि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त नोकर्म द्रव्य बंधक – Sachitta Nokarma Dravya Bandhaka. Those who fasten animals. बंधक का एक भेद; जैसे हाथी बांधने वाले इत्यादि “
इंद्रिय मार्गणा Investigation of senses. एकेन्द्रियादि जाति नामकर्म के उदय से जीव की जो एकेन्द्रिय आदि अवस्था होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इन्द्रियावलोकन अब्रह्म Attraction towards the beauty of ladies. स्त्रियों के मनोहर अंगों को राग भाव से देखने रूप कुशील।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एषणासमिति Carefulness in alms, food accepting for saints. 5 समिति में एक समिति-मुनि का 46 दोषों से रहित आहार ग्रहण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उद्धभाषण True speech. सत्यव्रत की 5 भावनाओं में एक भावना-आगमानुकूल वचन बोलना, इसे अनुवीचिभाषण भी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रियज सुख Sensual pleasure. इन्द्रियों के द्वारा उनके विषय भोगने को इन्द्रियज सुख कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमोपकरण – Sanyamopakarana. Restraint indicating article (Pichchhi) possessed by Digambar jaina saint. It is made by peacock- feathers which are turned down naturally while dancing of peacock. जैन साधु के योग्य संयम का पालन करने में सहायक पिच्छिका को संयमोपकरण कहते हैं ” यह प्राकर्तिक रूप से गिरे हुए मोर के पंखों से बनायी…