राध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राध – परद्रव्य के परिहार से षुद्ध आत्मा की सिद्धि अथवा साधन राध कहलाता है।आराधना प्रसन्नता पूर्णता सिद्धि साधित आराधिन सेसिद्धि आदि राध के ही पर्यावाची नाम है। Radha-Pertaining to attainment of spiritual power
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राध – परद्रव्य के परिहार से षुद्ध आत्मा की सिद्धि अथवा साधन राध कहलाता है।आराधना प्रसन्नता पूर्णता सिद्धि साधित आराधिन सेसिद्धि आदि राध के ही पर्यावाची नाम है। Radha-Pertaining to attainment of spiritual power
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बािधत- बाधा से सहित होना, एक हेत्वाभास; जिस हेतु क साध्य में दूसरे प्रमाण प्रत्यक्षादि से बाधा आवे। Badhita- Restricted, obstructed
दिग्पाल A type of guardian deities. दिक्कुमार जाति के देव लोकपाल इन्हीं देवों में से होते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर वनस्पति- सूक्ष्म निगोदिया जीवों के लिए आधारभूत वनस्पति। Badara Vanaspati- Needful plants for micro Nigod-beings
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरसागर (आचार्य) –Virasagara (Acarya) Name of the first disciple of CharitraChakravartiAcharyaShriShantisagarjiMaharaj in his Acharya tradition. चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर महाराज के प्रथम शिष्य एवं उनकी परम्परा में पटाटाघीश आचार्य ” जन्म – सन १८७६ में आषाढ शुक्ला १५ (गुरु पूर्णिमा ) एवं समाधि – संन १९५७ आश्विन कृ. अमावस ” सन…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बद्धायुष्क – जिसको परलोक संबंणी आयु बंण गई हो। Baddhayuska- One who has bound the age for the next birth
त्रिलोकतीज व्रत A type of fasting. तीन वर्ष तक प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल तीज का उपवार करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रहरण- 7 वें प्रतिनारायण का नाम। Praharana- Name of the 7th Pratinarayana
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामसेन – कई आचार्य का नाम माथर सध के प्रवर्तक वीरसेन आचार्य के षिश्य सेन संधी गुरू नागसेन के षिश्य तथा तत्वानंुषासन के कत्र्ता, काश्ठसंध के क्षेमकीर्ति के षिश्य। Ramasena-name of many jaina Acharyas or saints
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसंग- मन में निर्मल भाव लाने वाली वस्तु, अनुग्रह, कृपा, पवित्र द्रव्य। Prasmga- Occasion, Chance, reference