त्वष्टियोग!
त्वष्टियोग Deeply engrossment into the supreme soul. ब्रह्मयोग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्वष्टियोग Deeply engrossment into the supreme soul. ब्रह्मयोग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य वर्गंणा – Bahya Vargana. A type of aggregates of Karmic molecules. तेईस वर्गणाऔ में से पाँच शरीर प्रथग्भूत हैं इसलिए इन्हें बाह्य वर्गणा कहते हैं “
त्रुअित A time unit. काल का एक प्रमाण, 64 लाख त्रुटितांग प्रमाण काल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनप्राण – Vachanprana.: Power of speech. जीव के 10 प्राणों में से एक प्राण; जीव की वचन व्यापर में कारणभूत योग्यता या शक्ति “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वक्रता : == सो सद्दो तं धवलत्तणं च रयणायरम्मि उप्पत्ती। संखस्स हिययकुडिलत्तणेण सव्वं पि पब्भट्ठं।। —गाहारयणकोष : ११३ वही शब्द (ध्वनि), वही शुभ्र ताप और रत्नाकर में उत्पत्ति। यह सब कुछ होते हुए भी शंख अपने हृदय की वक्रता के कारण सर्वत्र भ्रष्ट होता है। व्यक्ति घर, धन,…
चतुर्दश नदी Fourteen rivers of Jambudvip (an island). जम्बूद्वीप की १४ महानदियाँ ; गंगा , सिंधु , रोहित , रोहितास्या , हरित , हरिकान्ता , सीता , सीतोदा , नारी , नरकाँटा , सुवर्णकूला , रूप्यकूला , रक्ता , रक्तोदा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्षार – Vakshaara: Particular 16 mountains in Videh Kshetra (region). विदेह के 32 क्षेत्रों को विभाजित करने वाले अनादिनिधन 16 पर्वत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्क्रांति क्रिया –Nishkraanti Kriyaa. An auspicious and sacred act (related to initiation). गर्भान्वय की 53 क्रियाओं में एक क्रिया; दीक्षा कल्याणक की क्रियाएं, वैराग्य पूर्वक राज्य को त्यागना इत्यादि क्रियाओं के साथ दिगम्बर व्रत को धारण कर केशलोच आदि करना “
चतुरंक Infinite increase. असंख्यातभाग वृद्धि की चतुरंक संज्ञा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंदना मुद्रा –Vandanaa Mudraa : Standing posture of paying reverence by raised & folded hands with joined palms. मुद्रा के 4 भेदों में एक भेद ;खड़े होकर दोनों कुहनियों को पेट के ऊपर रखना और दोनों हाथों को मुकुलित कमल के आकार में बनाना “