धरणीधर!
धरणीधर A king of ‘Ayodhya’ of Ikshvaku dynasty. इक्ष्वाकुवंश में उत्पन्न अयोध्या का एक राजा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धरणीधर A king of ‘Ayodhya’ of Ikshvaku dynasty. इक्ष्वाकुवंश में उत्पन्न अयोध्या का एक राजा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्लाभिका – Vallabhikaa.: Beloved female divinities of Indras causing love. इन्द्रों को प्रीति उत्पन्न करने वाली ,अपनी विक्रिया ,प्रभाव ,रूप , स्पर्श से उन्हें रमाने वाली देवियां “
उपायविचय Doing meritorious works . धर्मध्यान का एक भेद-कुमार्ग में पडे़ हुए जीवों के बारे में विचार करना कि ये मिथ्यात्व से कैसे छूटे। अपरनाम अपायविचय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धनवाहिक Name of a chief disciple (Gandhar) of Lord Rishabhdev. भगवान वृषभदेव के एक गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्द्धमान यन्त्र – Varddhmaana Yantra.: A matallic plate engraved with some auspicious mystic words (Mantras). विभिन्न रेखाकृतियों में विशिष्ट अक्षर – मन्त्रों द्वारा चित्रित किया गया एक यंत्र “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलाचार–Mulaachar. Name of a treatise written by Acharya Kund Kund containing the code of conduct of Digambar Jain saints. आचार्य श्रीकुंद–कुंद (अपरनाम) द्वारा प्राकृत गथाओ में निबिद्ध दिगंबर जैन साधु–साध्वियो की आचार–संहिता का वर्णन करने वाला ग्रंथ”श्री वसुनंदी आचार्य (ई.श. 11–12) द्वारा इसकी संस्कृत टीका लिखी गयी है” गनिनिप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने…
धनंजय निघण्टु A Sanskrit dictionary. एक संस्कृत शब्दकोष।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरीत मत – Viparita. Name of a doctrine established by king Vasu in the period of Lord Munisuvratnath. भगवान मुनिसुर्वत नाथ के समय में क्षीरकदम्ब उपाध्याय के शिष्य राजा वसु के द्वारा चलाया गया मत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच आचार – Pancha Aachaar. Five fold conducts. ज्ञानाचार, दर्शनाचार, तपाचार,वीर्याचार, चारित्राचार ” जिनका दिगम्बर जैन आचार्य पालन करते है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूत विगम – Bhuta Vigama. To be detached from the elements. तत्वों से विमुख होना “