चतुर्गति-निगोद!
चतुर्गति-निगोद Falling back into the lower world from the higher form of life. इतर निगोद ; जो त्रस पर्याय पाकर फिर निगोद में उत्पन्न हुए हैं ऐसे जीव चतुर्गति निगोद कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्गति-निगोद Falling back into the lower world from the higher form of life. इतर निगोद ; जो त्रस पर्याय पाकर फिर निगोद में उत्पन्न हुए हैं ऐसे जीव चतुर्गति निगोद कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्द्रशेखर A king of Vidyadhar descendant. विद्याधर वंश का एक राजा; विशालाक्ष विद्याधर का पुत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतंग – Matamga. Name of an omniscient, who got salvation within Antarmuhurt (a very short span of time). भगवान वीर के तीर्थ के 10 अन्तकृतकेवली में एक केवली “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयतिका – Sanyatikaa. Synonym word for Aryika (Digambar Jain female ascetic). आर्यिका का पर्यायवाची नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धोपयोग – Shuddhopayoga. Passionless right conductful inclination. रागद्वेषादि रहित आत्मा के सन्मुख उपयोग, स्वानुभवरुप भाव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समकेन्द्रिय – Samakendriya. Those having same central point, concentric. एक ही केन्द्र हो जिनका।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमेदाचल महात्म्य – Sammedaachala Mahaatmya. Name of a composition written by Pandit Manaranglal. पंडित मनरंगलाल (ई. 1793-1843) द्वारा विरचित भाषा छंदबद्ध कृति “
घोषावती A musical instrument-a supernatural lute. चार द्रव्यों वीणाओं मने एक वीणा विष्णुकुमार मुनि द्वारा उपसर्ग हटाये जाने पर देवों ने यह वीणा पृथ्वी पर रहने वालों को दी थी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गृहस्थाचार्य An ideal person of mundane life. जो गृहस्थों में विद्या, बुद्धि, प्रभाव, चारित्र में बड़ा हो व धार्मिक क्रिया करा सकता हो ऐसा उत्तम गृहस्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देश चारित्र A conduct of householder at the 5th stage of spiritual development. विकल चारित्र, श्रावक का पांचवे गुणस्थान का आवरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]