आर्यवृत्ति!
आर्यवृत्ति Civilized instinct. सज्जन की प्रवृत्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात गुणहानि – Sankhyaata Gunahaani. Multiplicative decrease in numbers. किसी संख्या का संख्यात गुणा किसी में घटाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसेनजित- 13 वें कुलकर का नाम, श्री कृष्ण का 16 वाँ पुत्र। Prasenajit- Name of the 13th Kulkar (ethical founder), The 16th son of Shri Krishna
उत्तर प्रत्यय Subsidiary conditions. प्रत्यय आस्रव को कहते हैं मिथ्यात्व अविरति कषाय योग के उत्तर भेद 57 को उत्तर प्रत्यय कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्लुत – तीन मात्र वाले ३ मोंत्रस नि कहलाते है. Pluta- Word with 3 Matras (intra- syllabic vowel symbols)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोक्षण विधी- प्रतिमा की प्रतिश्ठा के समय की जाने वाली एक विधि; पंचकल्याणक प्रतिश्ठा में सौभाग्यवती सित्रयों द्वारा आकार षुद्धि की क्रिया में भगवान की प्रतिमा में मंत्रपूर्वक जो चंदन लेपन कराया जाता है, उसका नाम प्रोक्षण विधी है, इसक सम्प्रोक्षण विधि भी कहते है। Praksana Vidhi- A prescribed ritual procedure for the installation…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकलन श्रेणी व्यवहार – Sankalana Shreni Vyavahaara. Integral series of numbers. गणित विषयक एक संकलन व्यवहार की श्रेणी = 4+8+12+16+20+24+28+32=144 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडशकारण भावना व्रत – Sodashakaarana Bhaavanaa Vrata. A particular & procedural vow (fasting). उत्कृष्ट 16 वर्ष, मध्यम 5 वर्ष, जघन्य 1 वर्ष तक प्रतिवर्ष भाद्रपद, माघ, व चैत्र इन 3 महीनों में कृ. 1 से लेकर अगले महीने की कृ. 1 तक 32 दिन तक 16 उपवास, 16 पारणा करना एवं “दर्शनविशुद्धयादि षोडशकारणेभ्यो नमः”…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध विधान- प्रकृति, स्थिति, अनुभाग और प्रदेश के भेद से भेद को प्राप्त हुए बन्ध के भेदों को बंध विधान कहते है। Bandha Vidhana- Constitution of Karmic binding