भोगाकांक्षा!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगाकांक्षा:Longing for enjoyment. भोग करने की इच्छा होना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगाकांक्षा:Longing for enjoyment. भोग करने की इच्छा होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्करास्त्र – Bhaskarastra. Name of a weapon. एक अस्त्र, तामसास्त्र को इसी से नष्ट किया जाता है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र द्रव्य–Mishra Dravya. Mixed material. गृहीत–अगृहीत पुद्गल द्रव्य”
गर्भकल्याणक An auspicious event (celebration of state of conception of Tirthankar – Jaina Lord). भगवान के पांच कल्याणकों में एक अर्थात् भगवान् का गर्भ में आना. इस समय भगवान की माता १६ स्वप्न देखती हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद सिद्ध –Veda Siddha Salvated beings from all three genders – male female & impotent (according to BhutpragyapanNaya) भुतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा नपुंसक वेद से सिद्ध होने वाले जीव थोडे एवं स्त्री – पुरुष वेद से सिद्ध होने वाले जीव संख्यत गुणे हैं ” इन सभी का द्रव्य वेद पुरुष वेद ही…
गार्हपत्य A sacred fire. अग्निकुमार देव के मुकुट से उत्पन्न हुई तीन प्रकार की अग्नियों में से एक अग्नि, जो तीर्थंकर के निर्वाणोत्सव में तीर्थंकर के शरीर का संस्कार करके पूजा का अंग होकर पवित्र मानी जाती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वभाव प्रज्ञापन नय – Poorvabhaava Pragyaapana Naya. See – Poorva Pragyaapana Naya. देखें – पूर्व प्रज्ञापन नय “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूढ़–Muudh. Ignorant, a stupid person. अज्ञानी, देह को आत्मा मानने वाला, द्रव्य गुण पर्यायों से तत्व की अप्रतिपत्ति होना, सूझबूझ से हीन”
गणिनी Chief in Aryikas (Digambar Jain female ascetics). There are 24 Ganinis (Chief Aryikas) in all 24 holy assemblies of Tirthankars (Jaina Lords). जैनाचार्यों के सामान ही आर्यिका का एक प्रमुख पद जो शिष्याओं को शिक्षा-दीक्षा देकर आर्यिका संघ का संचालन करती हैं। मुनियों के सामान आर्यिकाओं के भी २८ मूलगुण होते हैं और वे…