भीष्म पितामह!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीष्म पितामह – Bhishma Pitamaha. A great warrior of Mahabharat. धृतराज के भाई, महाभारत के प्रमुख पात्र, अपरनाम- गांगेय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीष्म पितामह – Bhishma Pitamaha. A great warrior of Mahabharat. धृतराज के भाई, महाभारत के प्रमुख पात्र, अपरनाम- गांगेय “
तेईस वर्गणा 23 variforms or aggregates of karmic molecules. अणु वर्गणा, संख्याताणुवर्गणा, असंख्याताणुवर्गणा आदि 23 प्रकार की बर्गणाएं होती हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्प्रकाश Spiritual consciousness. सवसंवेदन, अंतर्मुखचित्प्रकाश दर्शन है एवं बहिर्मुख चित्प्रकाश ज्ञान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरुपंक्ति व्रत–Merupankti Vrat. A particular type of fasting. 5 मेरु संभंधी 80 चैत्यालयो के व्रत इसमें 80 उपवास और 20 वन संभंधी 20 बेला किए जाते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समवाय – Samavaaya. An assemblage, a collection, a multitude (in separable). सम्मिश्रण, संयोग, समूह, तादात्मय, न छूटने वाला, अपृथक्पना और अयुतसिद्वपना।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजरुह – Bija Ruha. Vegetation produced by seeds (like rice ,wheat etc.). वनस्पति; जो बीज से ही उत्पन्न होती है ” जैसे – चावल, गेहूं आदि “
चारित्रमोहनीय कर्म Conduct deluding Karmas. चारित्र या आचरण को मोहित करने वाला कर्मा ; मोहनीय कर्मा का एक भेद , जिसके उदय से जीव के असंयम भाव होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाहार – Samaahaara. A collection, an aggregate, name of a female divinity of Ruchak mountain. समूह, रुचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूद्र (कारू) – Shudra (Kaaroo). See- Shudra. धोबी आदि शूद्र (कारू) कहलाते हैं ” स्पृश्य तथा अस्पृश्य इसके दो भेद है “