पंच भिक्षावृत्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच भिक्षावृत्ति – Pancha Bhikshaavritti. Five types of food taking conducts of Jaina saints. गोचरी, अक्षमृक्षण, उदराग्नि शमन, गर्तपूरण, भ्रामरी वृत्ति- दिगम्बर जैन साधुओंकी आहारचर्या के यें पांच नाम है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच भिक्षावृत्ति – Pancha Bhikshaavritti. Five types of food taking conducts of Jaina saints. गोचरी, अक्षमृक्षण, उदराग्नि शमन, गर्तपूरण, भ्रामरी वृत्ति- दिगम्बर जैन साधुओंकी आहारचर्या के यें पांच नाम है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यौग – नैयायिक दर्षन का अपरनाम। Yauga-The other name of Naiyayik philosophy
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वन्हि – Vanhi.: Fire,A special type of heavenly deities (Laukantik). अग्नि ,ब्रह्मलोक निवासी लौकांतिक देवों का भेद “
उपेक्षणीय What is to be ignored, negligible . उपेक्षा करने योग्य वस्तु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल – Sakala. The whole, complete, entire, With body. पूर्ण, सर्व, शरीर सहित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सोमवंश – Somavansha. Another name of Chandravansh ( a dynasty) initiated from theson of Lord Bahubali. चन्द्रवंश । देखें – सोमयश । सोमवंश को ऋषिवंश भी कहते है।
उष्ण परीषह Heat thermal affliction . 22 परीषह में एक परीषह, ग्रीष्मकाल में उपवास आदि के कारण उत्पन्न दाह से पीडि़त होने पर प्रतिकार के बिना समतापूर्वक सहन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेचक – प्राणयाम का एक स्वरूप ष्वास को बाहर निकालना केवली समुद्रधात में होने वाली आत्मप्रदेषों की अन्तिम उपसंहार की अवस्था। Recaka-Breathing out, a possession of meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्लिभूमि – Vallibhoomi. The third land of Samavsharan (assembly of Lord). समवशरण की तीसरी भूमि ;अपरनाम लताभूमि ,यह अनेकों क्रीड़ा पर्वतों व वापिकाओं आगि शोभित है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजस दान – जो दान थोडे समय के लिए सुन्दर और चकित करने वाला हो एवं अपते यष और ख्याति के लिए किया गया हो। Rajasa Dana- Donation for own popularity or fame