पापभीरुता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापभीरुता – Papabhiruta. Fearfulness from sins. पाप से भयभीतपना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापभीरुता – Papabhiruta. Fearfulness from sins. पाप से भयभीतपना “
देवचंद्र Name of the disciple of ‘Maghnandi Kolhapuriya’. ई. 1133-1163 में माघनन्दि कोल्हापुरीय के शिष्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पादानुसारी ऋद्वि : A type of supermatural power causing knowledge of whole scriptures by studying only fraction of it.समस्त श्रुत के अक्षर पदो को जानने वाली बुद्वि रुप ऋद्वि है।
त्रिप्रदक्षिणा Circumabulation, To revolve three times around a saint or temple. तीन परिक्रमा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृश्यमान द्रव्य Visible objects. वर्तमान समय में दिखाई देने वाला द्रव्य किसी भी स्पर्धक या कृष्टि आदि में पर्व का द्रव्य या निषेक या वर्गणाएँ तथा नया मिलाया गया द्रव्य दोनों मिलकर दृश्यमान द्रव्य होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृढ़रथ Name of a king of Yadu dynasty. यदु (यादव) वंश का एक राजा का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुर्नय False standpoint or viewpoint. एक- दूसरे की अपेक्षा न करके एकांत से किसी विषय का प्रतिपादन करने वाला नय जैसे- जीव नित्य ही है। इसे मिथ्यानय भी कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]