आवली उदय!
आवली उदय Fruition of karmas in Avali ( a time unit). आवली काल में उदय आने वाले कर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आवली उदय Fruition of karmas in Avali ( a time unit). आवली काल में उदय आने वाले कर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलात्कार गण- जैनाचार्यों की शाखा; कुंदकुंद आचार्य के समय से प्रचलित। जैसा कि प्रशस्ति आदि में लिखित रहता है- कुन्दकुन्दाम्नाये सरस्वती गच्छे बलात्कार गणे………। Balatkara Gana- A branch of jain acharyas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बप्रिला- नमिनाथ भगवान की मााता का नाम। अपरनाम-वप्पिला या वर्मिला। Baprila- Mother’s name of lord Naminath
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर सांपरायिक बंधक- निक्षेप की अपेक्षा बंधक का एक भेद। Badara Samparayika Bamdhaka- A type of karmic binder
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघात – Sanghaata. Aggregate, Collection, A type of Shrutgyan (scriptual knowledge) related to wholesome increase of knowledge. समूह, जमाव, श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 7वां भेद; एक-एक पद के अक्षर की वृद्धि के क्रम से संख्यात हजार पदों के बढ़ जाने पर यह संघात श्रुतज्ञान होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर दोष- साधु संबंधी आहार के एक दोष प्राभृत का उपभेद; दिन, महीना आदि को बदलकर आहार दान देना। Badara dosha- A fault of food related to Jaina saint
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदेह – Videha. Salvated souls, free from birth & death cycle. देह रहित सिध्द भगवान विदेह कहलाते हैं ” अथवा देह में रहते हुए भी जो जन्म – मरण से रहित हैं ऐसे अर्हत भगवान विदेह हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संग्रह कृष्टि – Sangraha Krshti. A kind of gradual destruction of passions. कृष्टियों के अनेक भेदों में एक भेद ” क्रोधादि संज्वलन कषायों की जो 12,9,6 और 3 कृष्टियां होती है वे ही संग्रह कृष्टियां हैं ” पुनः इस एक-एक संग्रह कृष्टि की अंतर कृष्टियां अनंत होती हैं ” क्योंकि अनंत कृष्टियों के समूह…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैदूर्यसागर द्वीप –VAiduryasagaraDvipa. Name of an island and an ocean of middle universe मध्यलोक के सागर और द्वीप का नाम “