संयम रक्षा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम रक्षा – Sanyama Rakshaa. Strictly observing of restraints by Jaina saints. जैन साधु-संत द्वारा अपने संयम की रक्षा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम रक्षा – Sanyama Rakshaa. Strictly observing of restraints by Jaina saints. जैन साधु-संत द्वारा अपने संयम की रक्षा करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपर्यय ज्ञान – Viparyaya Jnana. Wrong knowledge or faith. एक पक्ष का निश्चय करने वाले विपरीत ज्ञान को विपर्यय कहते हैं ” जैसे – सीप में ‘यह चांदी है’ इस प्रकार का ज्ञान होना “
तथाकार Assent of the instructions of Lord Arihant. समाचार का एक भेदः जीवादि का परम्पराा से चला आया उपदेश और सूत्रादि – इनमें जो अर्हंत ने कहा वह सत्य है, ऐसा समझना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरचर्या –Vircarya. Strict and pure conduct of Jaina saints. निग्रन्थ मुनि की निर्दोष चर्या अथार्त कठोर आचरण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वार्थपुर – Sarvaarthapura. Name of a city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रष्मिकलाप – एक हार, यह 54 लडियों का होता है। Rasmikalpa- A kind of wreath with 54 strings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसज – दूध आदि रसों में उत्पन्न होते वाले या वीर्य में उत्पन्न होने वाले जीव।जो सेमूच्छन जन्म वाले होते है और नेत्रों से नहीं दिखते है। Rasaja-Invisible micro beings of take birth in liquids