मनुष्यसिद्ध!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यसिद्ध – Manushyasiddha. Those salvated from human destinity. मनुष्य गति से सिद्ध होने वाले जीव अल्पबहुत्व की अपेक्षा ये संख्यात गुणे है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यसिद्ध – Manushyasiddha. Those salvated from human destinity. मनुष्य गति से सिद्ध होने वाले जीव अल्पबहुत्व की अपेक्षा ये संख्यात गुणे है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवानुगामी – Bhavanugami. A type of clairvoyance (remains with one after transmigration). अनुगामी अवधिज्ञान का एक भेद; जो अवधिज्ञान उत्पन्न होकर उस जीव के साथ अन्य भव में जाता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन निमित्तज्ञान –Vyainjana Nimittajnana. A science of omen (a type of indicating knowledge.Mole etc. special mark on the body). अष्टांग निमित्तज्ञान का एक भेद; सिर, मुख आदि में, रहने वाले तिल आदि व्यंजन कहलाते हैं ” इनसे लाभ- अलाभ आदि को जान लेना व्यंजन निमित्त ज्ञान है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूत भावी उपचार – Bhuta Bhavi Upachaar. Causative implication related to the past & fu-ture. भूत एवं भविष्य से संबंधित कारण में कार्य का उपचार करना “
द्वीप कमार A type of deities (having abodes). भवनवासी देवों का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्यैशता – Vidyaishta. Supernatural power with supreme authority; an excellence of omniscience. केवलज्ञान का एक अतिशय; विद्याओं की ईशता या सभी विद्याओं का ईशवरपना “
ईर्यापथिक A type of repentance (Pratikraman). 7 प्रकार के प्रतिक्रमणों में एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्तरधन Common sum. चयधन-एक कम पद के आधे का चय से और गच्छ से गुणा करने पर प्राप्त राशि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोत – Pota. A type of foetus birth. गर्भ जन्म का एक भेद; जो गर्भ से बाहर निकलते ही चलने फिरने में समर्थ होता है उसे पोत कहते हैं, जैसे- हिरण , शेर, चीता आदि “
उदयचन्द्र Name of an Acharya of Nandi group, Name of a poet. नन्दी]संघ (देशीयगण) की नयकीर्ति शाखा के एक गुरू अपभ्रंश कवि इनकी प्रधान कृति सुअंधदहमीकहा है (समय ई. सन् ११५० ११९६) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]