देहत्रय!
देहत्रय Three kinds of body. औदारिक , तैजस , कार्मण ये तीन शरीर।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देहत्रय Three kinds of body. औदारिक , तैजस , कार्मण ये तीन शरीर।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आरम्भकोपदेश Giving suggestion to rise from unnecessary violece. खेती आदि करने वालों को पृथ्वी, जल, अग्रि, पवन आदि के आरंभ का उपाय बताना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणकल्याणक – Nirvaanakalyaanaka. Holy event of salvation of Lord – Arihant. पंचकल्याणकों में एक कल्याणक; तीर्थंकरों के निर्वाण के अवसर पर देवों द्वारा मनाया जाने वाला उत्सव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमभाव – Sanyamabhaava. Restraintful temperament. उपशम भाव से धारण किये गये व्रतादि संयम भाव को प्राप्त हो जाते हैं “
फण Expanded snake hood. नाग का फैला हुआ फण, वर्तमान में पार्शवनाथ भगवान की प्रतिमा को मस्तक पर फैले नाग के फण से पहचाना जाता है। भगवान महावीर ने बाल्यावसथा में नाग के फण पर निर्भयता पूर्वक क्रीड़ा करने से संगमदेव द्वारा महावीर नाम प्राप्त किया था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वर्तना – Nirvartana. Accomplishment. निष्पादन या रचना “
चातुर्दीपिक भूगोल The name of an ancient composition of geography. एक भूगोल जो रायकृष्णदास जी के लेख के अनुसार वैदिक धर्मं में मान्य सप्तद्वीपिक भूगोल से अधिक प्राचीन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आस्तिक्य An attribute of right perception i.e. having religious faith. सम्यग्दर्शन का एक गुण-परलोक पुण्य – पाप आत्मा परमात्मा में श्रद्धा रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बिन्दुसार – Bimdusara Father’s name of the Magadha emperor, Ashok. मगध सम्राट् अशोक के पिता का नाम ” समय – जैन के अनुसार ई.पू . ३०२-२७७; लोक अनुसार ई.पू. २९८-२७३ “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञोपवीत–Yagyopavit. Sacred thread (used for sanctifying or purificatory rites). एक संस्कार; चक्रवर्ती भरत ने 11 प्रतिमाओ के विभाग से वृतो के चिन्ह स्वरुप एक से लेकर 11 तार के सूत्र व्रतियो को दिये थे, जनेऊ; रत्नत्रय एवं सात परम स्थानो का सूतक 3 व 7 तारो का सूत्र” सभी पूजन–दान आदि क्रियाओ में…