द!
द The eighteenth consonant of the Devanagari syllabary. देव नागरी वर्णमाला का अठारहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द The eighteenth consonant of the Devanagari syllabary. देव नागरी वर्णमाला का अठारहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणवाद- द्वादषांग श्रुतज्ञान 11 वाँ पूर्व। Pranavada- 11thpurva (part) of scriptural knowledge
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदनवन – Namdanavana A forest of sumeru mountain. सुमेरु पर्वत का दितीय वन, जिसकी चारो दिशाओं में चार चौत्यालय हैं ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन आलोचना- पाक्षिक, चातुर्मासिक एवं वार्शिक् दोशो की सब यति समुदाय द्वारा मिलकर आलोचना करना। Bahujana alocana- Criticism of faults in a group by saints
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलवान्- शक्तिशाली, सामथ्र्यवान; कर्म को भी बलवान् संज्ञा है। Balavan- Powerful, strong
ध्रुवचारी One progressing on the path of salvation constantly. जो सतत मोक्ष मार्ग पर अग्रसर हैं । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बालचारित्र- आत्म स्वभावसे विपरीत बहुत प्रकार के चारित्र को आचरना। Balacaritra- conduct of a wrong believer
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बन्ध सान्त- जि कर्म प्रकृतियों का बंणना आगे के लिए रुक गया है। Bandha Santa- binding of karmas with end