संभवदल कर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभवदल कर्म – Sanbhavadala Karma. Cutting of wood. लकड़ी के आवश्यकतानुसार भाग कर दिये जाना संभवदल कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभवदल कर्म – Sanbhavadala Karma. Cutting of wood. लकड़ी के आवश्यकतानुसार भाग कर दिये जाना संभवदल कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वासोच्छ्वास – Shvaasocchvaasa. Breathing (exhaling & inhaling air). प्राणापान ” जो पवन भीतर से बाहर आती है वह उच्छ्वास या प्राण है व जो बाहर की वायु भीतर ली जाये वह श्वास या अपान है “
उत्सर्पिणी A large period of time, progressive half cycle, ascending cycle of time. जिस काल में जीवों की आयु बल ऊँचाई आदि का उत्तरोत्तर विकास होता है।इसके 6 भेद हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्द्रप्रभचरित Name of books written by different Acharyas separately. आचार्य वीरनंदि (ई.९५०-९९९) कृत महाकाव्य, आचार्य श्रीधर (ई.श. १४) की प्राकृत रचना, आचार्य शुभचंद्र (ई. १५१६-१५५६) की संस्कृत रचना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेणी – Shrenee. Series, Class, Division. पंक्ति, क्रम, इस शब्द का प्रयोग अनेक प्रकरणों में आता है, जैसे आकाश प्रदेशो की श्रेणी, राजसेना की 18 श्रेणियाँ, स्वर्गो के श्रेणीबद्ध विमान, शुक्लध्यानगत साधू की उपशम व क्षपक श्रेणी आदि “
द्रव्यास्तिक नय Substantive standpoint. देखें – द्रव्यार्थिक नय। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतधर आम्नाय – Shrutadhara Aamnaaya. The tradition of great saints possesing scriptural knowledge (shrutgyan). श्रुत को धारण करने वाले आचार्यो की परम्परा, मूलसंघ की पट्टावली में अंतिम श्रुतकेवली भद्रबाहु हैं “
द्रव्यसंयोगपद A special type of nomenclature associated with something. इभ्य, गौथ, दण्डी, छवी, गर्भिणी इत्यादि द्रव्यसंयोग पद नाम है क्योंकि धन, गूथ, दण्डा, छत्ता इत्यादि द्रव्य के संयोग से ये नाम व्यवहार में आते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]