जय जिनेन्द्र!
जय जिनेन्द्र A greeting word pronounced in Jaina community. जैनों में परस्पर विनय और प्रेमभाव प्रकट कर ने के लिए जयजिनेन्द्र शब्द बोला जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जय जिनेन्द्र A greeting word pronounced in Jaina community. जैनों में परस्पर विनय और प्रेमभाव प्रकट कर ने के लिए जयजिनेन्द्र शब्द बोला जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद् नास्ति अवक्तव्य – Syaadasti Naasti Avaktavya. The 6th Bhang of Saptbhangi-exposition of nature of the substance in the aspect of negation & indescribability.सप्तभंगी का छठवां भंग-द्रव्य परचुष्टय की अपेक्षा कथ्ंाचित् नास्तिरुप है और वही द्रव्य स्वचतुष्टय व परचतुष्टय की अपेक्षा युगफद् कथन न किए जाने से कथंचित् अवक्तव्य है।
दीप A lighted lamp, An auspicious device which is to be kept near idol in the temple, A worshipping article. मंदिरों में प्रतिमा के समीप रहने वाले 108 उपकरणों में से एक , पूजा साम्रगी का एक द्रव्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यात्परम – Syaatparama. Exposition of soul in the aspect of steadiness.परिणामिक भाव अर्थात् स्वभाव मे अचलवृत्ति की अपेक्षा जीव का कथन।
दिग्वास Former name of Digambar Jain community. A name of Jain Lord. दिगम्बर सम्प्रदाय को पूर्व में निग्र्रन्थ श्रमण संघ के नाम से पुकारा जाता था । उपरांत वह दिग्वास और फिर दिगम्बर कहलाने लगा । भगवान के 1008 नामों में से एक नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य वर्गणा Lowest aggregate of Karmic molecules. जघन्य वर्ग के समूह का नाम जघन्य वर्गणा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहदेव – Sahadeva. One of the 5 Pandavas. रानी माद्री व पाण्डु का पुत्र, 5वां पांडव । अंत में दीक्षा धारण की, दुर्योधन के भानजे द्वारा शत्रु´जयगिरि पर घोर उपसर्ग होने पर समतापूर्वक देह त्याग कर सर्वार्थसिद्धि स्वर्ग में गये ।
दारूवेणि A river of Arya Khand (region). आर्य खण्ड की एक नदी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य परमाणु Atom with the property of lowest degree. एक गुण स्निग्धता या रूक्षता होने से बंध अयोग्य जघन्य परमाणु है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]