श्रृंगारमंजरी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रृंगारमंजरी – Shringaaramanjaree. Name of a poetic composition composed by Ajitsen. छंद अलंकार विषयक अजितसेन कृत एक संस्कृत भाषाबद्ध रचना ” समय ई. 1250-60 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रृंगारमंजरी – Shringaaramanjaree. Name of a poetic composition composed by Ajitsen. छंद अलंकार विषयक अजितसेन कृत एक संस्कृत भाषाबद्ध रचना ” समय ई. 1250-60 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नि – क्षेत्र का प्रमाण विषेश। एक हाथ का परिमाण 2 वितस्ति=1 हाथ। इसका मूल नाम अरत्नि है। Ratni- A measurement unit of area
चारित्र Conduct, Character, Virtue. देशव्रत या महाव्रतरूप आचरण व्यवहार क्गारित्र एवं आत्मस्वभाव में रमण करना निश्र्चय चारित्र है ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुच्छिन्न क्रिया निवृत्ति – Samuchchhinna Kriyaa Nivritti. Absolute meditation, devoid of all activities or vibrations of soul points. चतुर्थ शुक्लध्यान। इसमे आत्म-प्रदेशों के परिस्पन्दन रुप योगो का तथा काय बल आदि प्राणों का समुच्छिन्न (उच्छेद) हो जाता है। इस ध्यान मे किसी प्रकार का आस्त्रव नही होता। यह अन्तर्मुहर्त समय के लिए होता है।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग – मन, वचन काय के निमित्त से होने वाली आत्मप्रदेषो के परिस्पन्दन की क्रिया। Yoga-Vibration in the soul points (caused by mind Speech & body)
चान्द्रीचर्या Procedure of food taking of a Jain saints without any partiality in devotees. मुनि की आहारचर्या ;चन्द्रमा की चांदनी के समान मुनि आहार के लिए धनिक -निर्धन सभी के घर जाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाय – Samaaya. Involvement of soul in passionless equanimous status. सम का अर्थ राग द्वेष रहित मध्यस्थ आत्मा है। उसमे आय अर्थात् उपयोग की प्रवृत्ति यह समाय है। वह समाय ही जिसका प्रयोजन है, उसे सामायिक कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग संक्रान्ति – योग सक्रान्ति प्रथम षुक्लध्यान में मन वचन काय योगो का पलटना। Yoga Samkramti- Transition of all activities (related to mind speech & body) in auspicious & sacred mode
चरक A type of low caste (Mlechchha) people. म्लेच्छ जाति का उपभेद , ये वन में रहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चर्मण्वती A river of Bharat Kshetra in Arya Khand. भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]