प्रतिकुंचन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिकुंचन – Pratikunchana. A type of deceit or illusion, concealment of own faults. माया का एक भेद, आलोचना करते समय अपने दोष छिपाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिकुंचन – Pratikunchana. A type of deceit or illusion, concealment of own faults. माया का एक भेद, आलोचना करते समय अपने दोष छिपाना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा परिच्छेद – Bhasha Pariccheda. Name of a book written by Vishvanath. विश्वनाथ कृत वैशेषिक दर्शन का एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पमाला – Puspamala. Name of a ruling female deity of a summit (Sagar) in Nandan forest, Wreath; garland. नन्दन वन में स्थित सागर कूट की स्वामिनी दिक्कुमारी देवी, फूलों का हार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांगलचित्र – परिणाम संख्या की हल के आकार की रचना लांगल चित्र कहते है। Lamgal Citra-a plough like figure
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्कलावती – Puskalavati. Main city of Pushkalavarta area of the east Videh (region). पूर्व विदेह के पुष्कलावर्त क्षेत्र की मुख्य नगरी. अपरनाम पुण्डरीकिणी “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यगति प्रायोग्यानुपूर्वी – Manushyagati Praayogyaanupuurvi. Transmigratory state of soul as in previous shape while going towards human birth. जिस कर्म के उदय से मनुष्य गति में जाते हुए जीव के पूर्व शरीर के समान आत्मा के प्रदेशों का आकार बना रहे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषवेदकर्मप्रकृति – Purusavedakarmaprakrti. Name of the Karmic nature of male causing lust for female. जिस वेदकर्म के उदय से स्त्री में रमण करने की चाह हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणिधि – Pranidhi. A type of deceit or illusion. माया का एक भेद ” व्यापार आदि में हीनाधिक कीमत की सदृशवस्तुओं को मिलाना ( जैसे-सोने में ताँबा आदि), वस्तुओं को तोलने में हेराफेरी करना आदि रूप मायाचार है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध्यपर्याप्तक – अपर्याप्तक नाम कर्म के उदय से जो जीव अपने योग्य पर्याप्तियों को पूर्ण किए बिना ही ष्वास के 18 वें भाग में मरण को प्राप्त हो जाता है अर्थात जिसके एक भी पर्याप्ति पूर्ण नही होती उसे लब्ध्यप्र्याप्तक कहते है। Labdhyaparyaptaka-Absolutely, non development beings (Having very short life)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रचय – Prachaya. Accumulation, collection, Togetherness. समूह, संग्रह, संचय, साधारण मेलजोल “