सनक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सनक – Sanaka. Craze, a whim, eccentricity, name of a sankhya thinker. उन्माद, किसी बात की धुन, एक सांख्य विचारक।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सनक – Sanaka. Craze, a whim, eccentricity, name of a sankhya thinker. उन्माद, किसी बात की धुन, एक सांख्य विचारक।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयमती (आर्यिका) – Vijayamatii (Aaryikaa).: Name of a female Jain ascetic,the disciple of Acharya Vimalsagar Maharaj and Belonging to Ankalikar Tradition. आचार्य श्री विमलसागर महाराज की शिष्या एवं अंकलीकर परम्परा की गणिनी आर्यिका (समय –ई.20 वीं शताब्दी )”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगला:A type of super power with auspicious verses or texts, Mother’s name of Lord Sumatinath. कल्याणक मंत्रो से परिष्कृत एक विद्या, तीर्थं कर सुमतिनाथ की माता (अपरनाम-सुमंगला) “
उत्सर्गपद्धति A supreme dedicational system (of omniscient etc.) for getting salvation.मोक्षमार्ग की वह पद्धति जिसमें वज्रवृषभनाराच प्रथम संहनन से ही ध्यान अथवा मोक्ष होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विच्छेद – Viccheda.: Destruction,separation,discontinuity. वियोग,अंतराल “श्रुत तीर्थ धर्म प्रवर्तन का कारण है यह काल दोष से 20317 वर्षों में व्युच्छेद को प्राप्त हो जायगा “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्मान : == तम्हा सव्वे वि णया, मिच्छादिट्ठी सपक्ख—पडिबद्धा। अण्णोण्णणिस्सिया उण, हवंति सम्मत्तसब्भावा।। ——सन्मति तर्क प्रकरण : १-२१ अपने—अपने पक्ष में ही प्रतिबद्ध परस्पर निरपेक्ष सभी नय (मत) मिथ्या हैं, असम्यक् हैं, परन्तु ये ही नय जब परस्पर सापेक्ष होते हैं तब सत्य एवं सम्यक् बन जाते हैं।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रमादित्य – Vikramaaditya.: Name of a king of Ujjan who is supposed as founder of Vikram era. मालवा के राजा ,इनके नाम पर इनकी मृत्यु के पश्चात् विक्रम संवत प्रचलित हुआ था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलन –Vikalana.: Distribution,Dividing . बांटना,बिखेरना ,विभाजन करना “
ततवार्थवृत्ति Name of a commentary book written on ‘Tattvarthsutra’. तत्वार्थसूत्र टीका विषयक एक ग्रंथ, आचार्य श्री श्रुतसागर सूरि द्वारा लिखित । [[श्रेणी:शब्दकोष]]