पंच आचार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच आचार – Pancha Aachaar. Five fold conducts. ज्ञानाचार, दर्शनाचार, तपाचार,वीर्याचार, चारित्राचार ” जिनका दिगम्बर जैन आचार्य पालन करते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच आचार – Pancha Aachaar. Five fold conducts. ज्ञानाचार, दर्शनाचार, तपाचार,वीर्याचार, चारित्राचार ” जिनका दिगम्बर जैन आचार्य पालन करते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधर – भूतकालीत 19 वें तीर्थकर, मध्यम ग्रैवेयक का एक इन्द्रक विमान, मानुशोत्तर पर्वत के सौगन्धिक कूट का एक देव, एक राजा जिन्होने आटे के मुर्गे की बलि करके कई भवों तक दुर्गति के दुख उठाये। देखें – यषोधर चरित, आटे का मुर्गा आदि पुस्तकें। Yasodhara-Name of the 19th Tirthankar (Jaina-Lord) in the past…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुंडरीक – Pumdarika. Name of the 6th ‘Narayan’ & the 6th Rudra, A type of scriptural knowledge , Name of protecting peripatetic deity of Pushkarvardvip & Manushottar mountain, A city situated in the south of Vijayardh mountain. छठे रूद्र व् नारायण का नाम, श्रुतज्ञान का १२वाँ अंगबाह्या, पुष्करवर द्वीप एवं मानुशोत्तर पर्वत के रक्षक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रि – रात – सूर्यास्त से लेकर सूर्यांेदय तक का समय। Ratri-Night time(hours)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विचार –Vichara. Consideration, Contemplation. विषय के प्रथम ज्ञान को वितर्क कहते हैं ” उसी का बारबार चिंतवन विचार कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच अवयव – Pancha Avayava. Five parts of inference. अनुमान के 5 अंग; प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहरण (अन्वय व्यतिरेकी) उपनय, निगमन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहितास्या नदी – 14 महानदियों में चैथी नदी,, ये हिमवान पर्वत के सरोवर से निकलकर हैमवत क्षेत्र में बहकर पष्चिम समुद्र में गयी है। Rohitasya nadi-Name of the fourth great river among 14
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म स्कंध – Sukshma Skandha. A type of aggregate of Karmic molecules. स्कंधों के 6 भेदों में एक भेद, कर्म वर्गणा के योग्य स्कंध को सूक्ष्म स्कंध कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यासापहार – Nyaasaapahaara. Misappropriation, a type of false behaviour. सत्याणुव्रत का अतिचार; कोई व्यक्ति धरोहर रख जाए और भूल से कम मांगे तो उसको उसकी भूल न बताकर जितनी वह मांगे उतनी ही दे देना “