लाभांतराय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाभांतराय – जिस कर्म के उदय से जीव किसी वस्तु को प्राप्त करने की इच्छा करता हुआ भी प्राप्त नही कर पाता। Labhamtaraya-Obstruction in getting desirable attainment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाभांतराय – जिस कर्म के उदय से जीव किसी वस्तु को प्राप्त करने की इच्छा करता हुआ भी प्राप्त नही कर पाता। Labhamtaraya-Obstruction in getting desirable attainment
आसुरी Pertaining to evil spirits, A type of low status deities. निम्न वृत्ति सहित नीच गति के देवों में एक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मलनाथ – Nirmalanaatha. Name of the 16th predestined Tirthankar. भावीकालीन 16 वें तीर्थंकर का नाम (श्रीकृष्ण का जीव) “
उद्देश A subdivision of chapter, Enunciation. निर्देश: विवेचनीय वस्तु के केवल नामोल्लेख करने को उद्देश कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहारक समुद्घात Bondage of Aharak Vargana for the formation of translocational body (Aharak Sharir). सूक्ष्म तत्व के विषय में जिसे जिज्ञासा उत्पन्न हुई है उन परम ऋषि के मस्तक में से मूल शरीर से सम्पर्क बनाये रखकर एक हाळा ऊँचा सफेद रंग का सवाँग सुन्दर पुतला निकलकर अन्तर्मुहुर्त में जहाँ कहीं भी केवली भगवान को…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्देश – Nirdesha. Instruction, Direction. आदेशपूर्वक किसी बात को कहना, विवक्षित वस्तु के स्वरूप का कथन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्गमन – Nirgamana. To go out चले जाना, किसी गति से निकलकर किसी अन्य गति व गुणस्थान आदि में जन्म लेना “
दीप्ति Effulgence, Lustre, Radiance. तेज, चमक, प्रभा । इक्ष्वाकुवंशी एक राजा का नाम ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उत्पला Name of a Vapi (like large lakes) of Nandan forest of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत के नंदन वन की तीसरी वापी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]