चिरकाल स्थायी!
चिरकाल स्थायी Steady for infinite time. अनंतकाल तक स्थाई रहने वाली जैसे , स्वभाव द्रव्य व्यंजन पर्याय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चिरकाल स्थायी Steady for infinite time. अनंतकाल तक स्थाई रहने वाली जैसे , स्वभाव द्रव्य व्यंजन पर्याय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मान – Sammaana. Respect, reverence, honour. आदर, विनय। व्रतादि से यंुक्त साधु, आर्यिका एवं बड़े जनेा का यथायोग्य विनय-सम्मान करना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तेयानंद – Steyanamda. To feel pleasure in theft.रौद्रध्यान के 4 भेदो मे एक भेद, चैर्यानंद। प्रमादपूर्वक दूसरे के धन को बलात् हरने का अभिप्राय रखना या उसमे हर्षित होना।
उदयसेन मुनि Name of a Jaina-saint. एक दिगम्बर मुनि पं. आशाधर के शिष्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चित्रगुप्त Name of the 17th predestined Tirthankar (Jaina-Lord). भावी सत्रहवें तीर्थंकर का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छा–Muurchchha. Unconsciousness, Delusion, Attachment, Worldly, Worldly involvement. बेहोशी, मोह, जैनागमानुसार ‘मूर्च्छा’ परिग्रह या ममत्व भाव है”
चित्रकूट Name of a city, A city in the south of Vijayardh mountain. एक शहर का नाम , विजयार्द्क की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वितीयोपशम सम्यत्तव Second subsidential right belief. उपशम श्रेणी चढ़ने वाले साधु को क्षयोपशम सम्यग्दर्शन से पुनः जो उपशम सम्यक्त्व होता है उसे द्वितीयोपशम सम्यग्दर्शन कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यागारावास – Shunyaagaaraavaasa. One of the 5 temprements of the vow of nonstealing (staying in peaceful & solitude place like caves etc.). अचौर्यव्रत की 5 भावनाओं में पहली भावना; सूने घर व स्वभाव से शून्य पर्वत की गुफा व वृक्ष की कोटर आदि में निवास करना शुन्यकारावास कहलाता है “