पंचचारित्र सिद्ध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचचारित्र सिद्ध – Panchachaaritra Siddha. Beings salvated due to five kinds of right conducts (in accordance with Bhutpragyapan Naya). भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा पंच चारित्र से सिद्ध होने वाले जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचचारित्र सिद्ध – Panchachaaritra Siddha. Beings salvated due to five kinds of right conducts (in accordance with Bhutpragyapan Naya). भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा पंच चारित्र से सिद्ध होने वाले जीव “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावमन – Bhavamana. Psychical mind. मन ” ज्ञानावरण व वीर्यान्तराय के क्षयोपशम से द्रव्य मन द्वारा जानने की शक्ति तथा उस रूप ज्ञान का उपयोग होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवाहिता स्त्री – Vivahita Stri. Married Woman, accepted ritually. देवशास्त्रगुरु को नमस्कार कर तथा अपने भाई – बन्धुओं की साक्षीपूर्वक जिस कन्या के साथ विवाह किया जाता है वह विवाह स्त्री कहलाती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव मार्गणा – Bhava Margana. Psychical investigation. जिन भावों के द्वारा जीवों का अन्वेषण किया जाता है “
द्रव्यवाद A doctrine of Sankhya philosophy. एक सांख्यदर्शन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंकभाग – Pankabhaaga. A part of Ratnaprabha earth of hell. अधोलोक में सबसे पहली रत्नप्रभा पृथ्वी के तीन भागों में दूसरा भाग जो पंक कहलाता है ” भवनवासी असुरकुमार एवं राक्षस जाति के व्यंतर देवों के भवन यहाँ बने हुए है “
द्रव्य पूजा Physical worship (with 8 reverential materials). पंच परमेष्ठी के सम्मुख भक्ति भाव से जल, चंदन, अक्षत, पुष्य , नैवेद्य, दीप, , धूप व फल रूप श्रेष्ठ अष्ट द्रव्य समर्पित करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूतक – Sutaka. Impurity caused due to the birth or death of one. लोक व्यवहार में जन्म मरण के निमित्त से हुई अषुद्धि को सूतक कहते है। सूतक काल में देव पूजा, आहार दान आदि कार्य नही किया जाता ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैनयिक मिथ्यात्व –VainayikaMithyarva. A type of wrong faith pertaining to pay equal reverence to all deities & all religions. सब देवता और सब मतों को एक समान मानना “
द्रव्य नय Physical standpoint. जो दृष्टि या अपेक्षा ‘द्रव्य सामान्य’ को ग्रहण करे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]